SGSU Advertisement
Home मनोरंजन संजना सांघी ने यूएन में उठाई युवाओं की आवाज, कहा- ‘आज की...

संजना सांघी ने यूएन में उठाई युवाओं की आवाज, कहा- ‘आज की पीढ़ी को वैसी सुविधाएं नहीं मिल रही, जिसके वे हकदार हैं’

0
12

मुंबई, 23 सितंबर (आईएएनएस)। एक्ट्रेस संजना सांघी ने एक बार फिर भारत के युवाओं से जुड़े मुद्दों को वैश्विक मंच पर उठाया है। उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक आधिकारिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने युवा सशक्तीकरण, शिक्षा और जमीनी स्तर पर विकास को लेकर अपनी बात रखी।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आज की पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए उतने संसाधन और मौके मिल रहे हैं, जितने उन्हें मिलने चाहिए?

संजना ने कहा, ”मैं पिछले करीब 12 साल से युवाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर काम करती आ रही हूं। जब मैं टीनएजर थी, तब मुझे खुद महसूस हुआ था कि शिक्षा किस तरह मेरी जिंदगी बदल सकती है। उस समय मुझे यह बताने के लिए किसी का इंतजार नहीं करना पड़ा कि मुझे नेतृत्व करना चाहिए या शिक्षा ही बदलाव का रास्ता है। मैंने खुद इसे महसूस किया और उसी सोच के साथ आगे बढ़ी।”

संजना ने कहा, ”भारत के पास दुनिया में सबसे बड़ी युवा आबादी है। ऐसे में यह सवाल बेहद जरूरी हो जाता है कि हम आने वाली पीढ़ियों को किस तरह तैयार कर रहे हैं। मैं लंबे समय से युवाओं के नेतृत्व में होने वाले विकास से जुड़ी रही हूं और इसी वजह से मेरे मन में यह सवाल उठता है कि क्या युवाओं को वह तैयारी और सुविधाएं मिल रही हैं, जिसके वे हकदार हैं।”

अपने भाषण में संजना ने सैन्य खर्च का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ”जब खबरों में बड़े सैन्य खर्च के आंकड़े दिखाई देते हैं, तो मैं सोचती हूं कि अगर उस रकम का छोटा सा हिस्सा भी शिक्षा और जमीनी विकास पर लगाया जाए तो काफी बदलाव लाया जा सकता है। इस तरह के संसाधनों से प्राथमिक स्कूल, बेहतर मेडिकल सुविधाएं, वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर और आर्ट सेंटर बनाए जा सकते हैं, जिससे समाज की कई बुनियादी समस्याओं को स्थानीय स्तर पर हल करने में मदद मिल सकती है।”

संजना ने युवाओं और व्यवस्था के बीच भरोसे की कमी को भी एक अहम मुद्दा बताया।

उन्होंने कहा, ”असली समस्या सिर्फ संसाधनों की नहीं, बल्कि भरोसे की भी है। युवा सिर्फ ऐसी नीतियों के लाभार्थी बनकर नहीं रहना चाहते, जिनका फैसला ऐसे लोग करें, जो उन फैसलों के लंबे समय के असर का सामना खुद नहीं करेंगे। युवाओं को फैसले लेने और बदलाव की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल किया जाना चाहिए।”

संजना ने कहा, ”मेरा सपना है कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों से जुड़ी समस्याओं को सामूहिक प्रयास के जरिए जल्द से जल्द हल किया जाए। मैं नहीं चाहती हूं कि हालात ऐसे बनें कि युवाओं को अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर उतरना पड़े। बदलाव की शुरुआत समाज के भीतर मिलकर काम करने से हो सकती है।”

संजना को संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रमुख युवा महिला आवाजों में से एक के तौर पर प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया। उन्होंने वहां दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रतिनिधियों, बदलाव के लिए काम करने वाले लोगों और प्रभावशाली हस्तियों के साथ युवा भागीदारी, नए तरीके से सामाजिक काम और सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति जैसे मुद्दों पर चर्चा की।