नई दिल्ली, 24 सितंबर (आईएएनएस)। नदियों को साफ रखने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार की ओर से शहरभर में 81 कृत्रिम तालाब बनाए जा रहे हैं। जिससे नदियों का ध्यान रखते हुए पूरी श्रद्धा के साथ गणपति का विसर्जन किया जा सके।
दिल्ली सरकार खंडित मूर्तियों, पवित्र पूजा सामग्री, देवी-देवताओं के वस्त्रों और तस्वीरों के लिए शहर भर में 250 से ज्यादा खास ‘विसर्जन पात्र’ लगा रही है। ये पात्र मंदिरों, स्कूलों और अन्य सुविधाजनक जगहों पर लगाए जा रहे हैं। दिल्ली के लोग पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ इन पवित्र चीजों को वहां रख सकते हैं। इनका सम्मानपूर्वक रीसाइक्लिंग और अपसाइक्लिंग की जाएगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वीडियो के माध्यम से लोगों से अपील करते हुए कहा कि भगवान के प्रति हमारी आस्था, विश्वास और भगवान की बनाई हुई प्रकृति और हमारी नदियों का संरक्षण, ये दोनों चीजें आपस में जुड़ी हैं। हम सभी बड़े धूमधाम के साथ गणेश उत्सव मना रहे हैं और अब विसर्जन भी करना है। ऐसे में विसर्जन नदियों में न करके कृत्रिम तालाबों में करें। नदी को साफ रखने के लिए हमने जिलों में अलग-अलग तालाब बनाए हैं, जहां लोग जाकर गणपति बप्पा का विसर्जन कर सकते हैं।
रेखा गुप्ता ने कहा कि यह किसी एक त्योहार की बात नहीं है, यह साल भर की उन खंडित मूर्तियों और पूजा सामग्री का विषय है। ये सब हमारी आस्था और भावनाओं के साथ जुड़े हैं और जब ये खंडित हो जाते हैं या इस्तेमाल के बाद हम सोचते हैं कि इसका हम करें क्या? इसका कोई समाधान नहीं नजर आता तो नदियों में डाल दिया जाता है, लेकिन इससे नदी गंदी होती है। इसी का समाधान करने के लिए दिल्ली सरकार कई जहगों पर ‘विसर्जन पात्र’ लगा रही है, जहां खंडित मूर्तियों को रखा जा सकता है, हवन-पूजन सामग्री भी वहां रखा जा सकता है।
सीएम रेखा ने कहा कि इन सामग्रियों को पूरी आस्था के साथ रीसाइक्लिंग और अपसाइक्लिंग करना हमारा काम रहेगा। भगवान की आस्था और उनकी बनाई प्रकृति की रक्षा, दोनों एक साथ करेंगे।
