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मैं भले ही मेडल का रंग बदल नहीं सकी, लेकिन लोगों के दिलों में जगह बना ली: सुचिका तरियाल

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नई दिल्ली, 24 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) फाइटर सुचिका तरियाल ‘एशियन गेम्स 2026’ में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद जब भारत वापस लौटीं, तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। हालांकि, महिलाओं की ट्रेडिशनल 60 किग्रा कैटेगरी में यह फैसला काफी विवादित रहा था, जिस पर खुद सुचिका ने विरोध भी जताया।

सुचिका फैंस से मिले प्यार से काफी खुश नजर आईं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट तौर पर इस फैसले को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में सुचिका ने कहा, “लोग यहां मेरे स्वागत के लिए आए हैं, जिसे देखकर बहुत खुशी हो रही है। भले ही मैं मेडल का रंग बदल नहीं सकी, लेकिन आप लोगों के दिलों में जगह बना ली है। मेरे लिए इतना ही काफी है। वह मुझे एक राउंड और खिला देते, तो बेहतर रहता। मैं बेशक हार जाती, लेकिन उसे स्वीकार कर लेती, लेकिन जो हुआ, उसे स्वीकार नहीं सकती। यही वजह रही कि मैंने उनके फैसले का विरोध किया। हालांकि, कुछ लोग इसे गलत बता रहे हैं, लेकिन मुझे ही पता है कि मैंने वहां तक पहुंचने के लिए कितनी कड़ी मेहनत की थी। मैं ऐसे नहीं हार सकती।”

सुचिका को सिंगापुर की हुई हून टेओ के विरुद्ध हार मिली थी, जिसके बाद भारतीय टीम ने इस फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। विरोध के बाद मुकाबला आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) में गया, जहां जजों ने मुकाबले की समीक्षा की और दोबारा स्कोरिंग की। आखिरकार नतीजे का फैसला ‘कम वजन वाले खिलाड़ी’ के नियम से हुआ। दुर्भाग्य से, सुचिका का वजन अपनी प्रतिद्वंदी से 700 ग्राम ज्यादा था, जिसके चलते उन्होंने मुकाबला गंवा दिया।

सुचिका ने कहा, “मैच को ड्रॉ घोषित किया गया, जबकि हम दोनों बराबरी पर ही थे। इसके बाद उन्हें विजेता घोषित किया गया, वहां मैं भी हो सकती थी, लेकिन पता नहीं, उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया? मैं इसे चीटिंग नहीं कह सकती, लेकिन अगर आप मुकाबला ड्रॉ कर रहे हो, मुझे भी जिता सकते हो। मुझमें ऐसी क्या कमी थी जो उन्हें जिता दिया गया। हां, इसे ‘बैड लक’ कहा जा सकता है।”

“मुझे इस खेल का ज्ञान है। मैं दोनों ही रांउड जीत रही थी। फिर भी लोग कह रहे हैं कि मेरी तरफ से विरोध दर्ज करना गलत था। मैं एक मिनट के राउंड में भी उन पर हावी रही। वो पीछे-पीछे भाग रही थीं। मुझे लगता है कि फेडरेशन सिंगापुर का है, तो क्या पता उनको ही जिताना था। हालांकि, मैं ब्रॉन्ज मेडल से खुश हूं, क्योंकि ये मेरी जान से भी बढ़कर है, मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की है। मुझे बहुत खुशी है। भले ही मैं गोल्ड से चूक गई, लेकिन आप मेरे स्वागत के लिए यहां आए, इसकी बहुत खुशी है।”

सुचिका ने अपने आगामी मुकाबलों को लेकर कहा, “मैं अब वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी करूंगी। आगे भी मेरी फाइट्स हैं। मैंने ब्रेव के लिए साइन किया है।”