लखनऊ, 25 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने और ग्रामीण विकास योजनाओं को रफ्तार देने पर सरकार ने जोर दिया है। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में संचालित योजनाओं का लाभ केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर ग्रामीणों को दिखाई देना चाहिए। विधान भवन में हुई बैठक में पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति, बजट से जुड़े कार्यों और ग्राम पंचायतों में चल रही विकासपरक गतिविधियों की समीक्षा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए नियमित निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) की स्थापना के लिए उपलब्ध धनराशि के उपयोग और आवश्यक कार्यवाही की समीक्षा की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना के तहत 2,500 से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में सौर ऊर्जा आधारित हाईमास्ट और लाइट की व्यवस्था को भी बैठक में प्रमुखता से लिया गया। अधिकारियों को सार्वजनिक स्थानों पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था के साथ स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
राज्य बजट, केंद्र बजट और अनुपूरक बजट से संचालित योजनाओं के तहत ग्राम पंचायतों में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार की भी समीक्षा की गई। इनमें डिजिटल लाइब्रेरी, आधार सेवा केंद्र और ग्राम पंचायत सचिवों को सरकारी कार्यों के सुचारु संचालन के लिए स्मार्ट मोबाइल उपलब्ध कराने से जुड़े कार्य शामिल हैं।
मंत्री ने डिजिटल लाइब्रेरी में पुस्तकों, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल अध्ययन सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। इसका उद्देश्य ग्रामीण विद्यार्थियों और युवाओं को आधुनिक अध्ययन संसाधनों से जोड़ना और पंचायत स्तर पर डिजिटल सुविधाओं का विस्तार करना है। बैठक में हैंडपंपों के सत्यापन, जल गुणवत्ता से संबंधित कार्यों और जियो-टैगिंग की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को इन कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश दिए गए।
राजभर ने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं, इसलिए पंचायत स्तर पर लागू प्रत्येक योजना का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित समीक्षा, कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
