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असम सरकार ने शुरू किया ‘नॉर्थ ईस्ट सेवा फास्ट इनोवेशन चैलेंज’, 50 समस्याओं पर युवाओं से मांगा समाधान

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गुवाहाटी, 25 सितंबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को ‘नॉर्थ ईस्ट सेवा फास्ट इनोवेशन चैलेंज’ शुरू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य देशभर के युवा इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स को असम के सामने मौजूद प्रमुख समस्याओं के वैज्ञानिक और तकनीक आधारित समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह इनोवेशन चैलेंज राज्य के ‘सेवा और संकल्प अभियान’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 साल पूरे होने के अवसर पर चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि असम सरकार ने कृषि, सिंचाई, परिवहन, शहरी प्रबंधन और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी करीब 50 समस्याओं की पहचान की है। सरकार ने असम, पूर्वोत्तर और देश के अन्य हिस्सों के युवाओं से इन समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तैयार करने की अपील की है।

सीएम सरमा ने कहा, “हमारा विचार है कि युवा पीढ़ी ऐसे वैज्ञानिक मॉडल तैयार करे, जिनसे यह पता चले कि इन समस्याओं का समाधान कैसे किया जा सकता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सबसे अच्छे दो या तीन मॉडल का चयन करेगी और उन्हें आर्थिक सहायता के अलावा अन्य जरूरी सहयोग भी देगी। संबंधित सरकारी विभाग इनोवेटर्स को डेटा और अन्य जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराएंगे, ताकि उनके विचारों को व्यावहारिक समाधान में बदला जा सके।

सीएम ने कहा, “जब किसी विचार को समाधान में बदल दिया जाएगा, तो राज्य सरकार जरूरत के अनुसार ऐसे समाधानों को अपनी नीतियों में शामिल करेगी। साथ ही संबंधित स्टार्टअप को एक कंपनी के रूप में आगे बढ़ने में मदद करेगी।”

उन्होंने कहा कि असम में पहली बार इस तरह का इनोवेशन चैलेंज आयोजित किया जा रहा है। इसमें केवल असम ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर और देशभर के युवा हिस्सा ले सकेंगे।

उन्होंने कहा, “समस्याएं असम की हों और समाधान पूरे भारत से आएं।”

मुख्यमंत्री सरमा ने उम्मीद जताई कि इस पहल से युवा इनोवेटर्स में उत्साह बढ़ेगा। अगर यह कार्यक्रम सफल रहता है, तो भविष्य में इसे हर साल आयोजित किया जा सकता है। उन्होंने इस कार्यक्रम को शुरू करने के लिए राज्य के स्टार्टअप विभाग और शिक्षा विभाग को धन्यवाद दिया और बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस चैलेंज में उन व्यावहारिक समस्याओं को शामिल किया गया है, जिनका सामना राज्य सरकार और लोगों को करना पड़ता है। इसका उद्देश्य युवाओं को नए समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना और ऐसे उपाय तैयार करना है, जिन्हें भविष्य में जमीनी स्तर पर लागू किया जा सके।