तिरुवनंतपुरम, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारत-वेस्टइंडीज के बीच व्हाइट बॉल सीरीज की शुरुआत रविवार से होने जा रही है, जिससे पहले कैरेबियाई टीम के कप्तान शाई होप ने स्वीकारा है कि भारत को उनके घर में खेलना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की सबसे मुश्किल चुनौतियों में से एक है।
भारत और वेस्टइंडीज की टीमें 27 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच तीन मुकाबलों की वनडे सीरीज खेलेंगी। इसके बाद 6-17 अक्टूबर तक दोनों देश 5 मुकाबलों की टी20 सीरीज खेलेंगे।
मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में होप ने पत्रकारों से कहा, “भारत के खिलाफ उनके घर में खेलना हमेशा एक चुनौती होती है। यह एक ऐसी चुनौती है, जिसका हमें सामना करना चाहिए। यह हमारे लिए बतौर टीम खुद को परखने का मौका है। जब आप अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हैं, तो चाहते हैं कि सबसे अच्छी टीमों के खिलाफ उनके घरेलू हालात में खेलें, क्योंकि वहीं आपकी असल परीक्षा होती है। हम निश्चित रूप से इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह हमारे लिए रोमांचक होने वाला है।”
शाई होप ने भारत के विरुद्ध 26 वनडे मुकाबलों में 47 की औसत से 988 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं। भारतीय सरजमीं पर खेले गए 14 वनडे मुकाबलों में होप ने 74.10 की शानदार औसत से 741 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “मुझे खुद को बेहतर से बेहतर बनाने की कोशिश करने पर बहुत गर्व है। आपको अलग-अलग हालात और विरोधियों के हिसाब से खुद को ढालना होता है। हर दिन आपका दिन नहीं होता, लेकिन मैं छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देता हूं, ताकि मुझे बेहतर करने का मौका मिल सके। ऑस्ट्रेलिया या वेस्टइंडीज में खेलने की तुलना में भारत में खेलने के लिए बिल्कुल अलग नजरिए की जरूरत होती है। इसमें आपकी ट्रेनिंग और तैयारी को लेकर बहुत बारीकी से ध्यान देने की जरूरत होती है। टीम मीटिंग में मैं हमेशा इस बात पर जोर देता हूं, खासकर उन खिलाड़ियों के लिए जो पहले यहां नहीं खेले हैं।”
वेस्टइंडीज ने साल 2002 के बाद से भारत में कोई वनडे सीरीज नहीं जीती है। होप ने माना कि ऐसे लंबे समय तक जीत न मिल पाना बोझ बनने के बजाय और ज्यादा प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा, “कड़वी सच्चाई यह है कि हम जिस भी सीरीज में जाते हैं। इससे निश्चित तौर पर हमें प्रेरणा मिलती है। हमें पता है कि यह एक मुश्किल मुकाबला होगा, लेकिन हम इस कहानी को बदलना चाहते हैं।”
होप ने अपने स्पिनर्स के ग्रुप का भी समर्थन किया, जिसमें अनुभवी रोस्टन चेज और गुडाकेश मोती के साथ-साथ युवा बाएं हाथ के रिस्ट-स्पिनर विटेल लॉज शामिल हैं, जो भारतीय पिचों पर अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, “रोस्टन और मोती ने पिछले कुछ वर्षों में हमारे लिए कई मैच खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। लॉज ने पहले ही दिखा दिया है कि वह इस स्तर पर क्या कर सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि वह और बेहतर होते जाएंगे। आगे चलकर वह हमारे लिए बहुत काम के साबित हो सकते हैं। निश्चित रूप से इस दौरे पर हम अपने स्पिनर्स पर काफी निर्भर रहेंगे।”
