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एशियन गेम्स: ‘आखिरी पॉइंट तक हार नहीं मानना चाहती थी’, ऐतिहासिक सिल्वर के बाद अनाहत ने कहा

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नागोया, 27 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की युवा स्क्वैश स्टार अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीतने के बाद कहा कि वह आखिरी पॉइंट तक लड़ना चाहती थीं, भले ही मलेशिया की डिफेंडिंग चैंपियन एस. शिवसंगरी सुब्रमण्यम ने उन्हें काफी पीछे धकेल दिया था।

रविवार को महिला सिंगल्स फाइनल में हार के बाद आईएएनएस से बात करते हुए अनाहत ने कहा, “मैं ईमानदारी से इसे आसानी से जाने नहीं देना चाहती थी। उनके पक्ष में स्कोर 3-0 था, लेकिन मैं बिना लड़े एक भी पॉइंट नहीं छोड़ना चाहती थी। निश्चित तौर पर आज मैंने अपना बेस्ट स्क्वैश नहीं खेला, लेकिन मैं आखिरी पॉइंट तक हार नहीं मानना चाहती थी, क्योंकि कभी पता नहीं चलता क्या हो जाए।”

18 वर्षीय अनाहत एशियन गेम्स के इतिहास में महिला सिंगल्स स्क्वैश में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। इससे पहले वह इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट के महिला सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय भी बनी थीं।

विश्व नंबर 5 शिवसंगरी ने अपने आक्रामक खेल और दमदार डिफेंस से मुकाबले पर नियंत्रण रखा और हांगझोउ 2022 में जीते गोल्ड मेडल का सफलतापूर्वक बचाव किया। हालांकि, अनाहत ने अपने अभियान पर संतोष जताया। सेमीफाइनल में उन्होंने वर्ल्ड नंबर 6 जापान की सतोमी वातानाबे को दो गेम से पिछड़ने और दो मैच पॉइंट बचाने के बाद हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

उन्होंने कहा, “जैसा कि आपने कहा, प्रतियोगिता बहुत कठिन थी। शिवा दुनिया में पांचवें नंबर पर हैं, सतोमी छठे नंबर पर हैं, इसलिए टॉप खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना ही बहुत खास है। मैं सिल्वर मेडल से काफी खुश हूं।”

“इंडिविजुअल में यह मेरा पहला एशियन गेम्स है, और ओवरऑल दूसरा। इस स्तर पर खेलना और इससे सीखना हर एथलीट के लिए रोमांचक है। इसके साथ मेडल जीतना और भी खुशी की बात है।”

इस सिल्वर के साथ अनाहत लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए पहला डायरेक्ट क्वालिफिकेशन हासिल करने से चूक गईं, जहां स्क्वैश पहली बार शामिल होगा। एशियन गेम्स में सिंगल्स गोल्ड मेडलिस्ट को सीधा कोटा मिलना था।

इस पर अनाहत ने कहा, “मैंने अपना 100 प्रतिशत दिया, लेकिन हमेशा कुछ चीजें काम करती हैं और कुछ नहीं। उम्मीद है अगले दो साल का सफर अच्छा रहेगा।”

मौजूदा जूनियर वर्ल्ड चैंपियन ने खेल में करियर बनाने की इच्छुक युवा लड़कियों को भी संदेश दिया।

उन्होंने कहा, “मैं बस यही कहूंगी कि अपना सब कुछ झोंक दो। अगर आप किसी चीज से प्यार करते हो और उसके प्रति जुनूनी हो, तो उसे आसानी से मत छोड़ो। बस मेहनत करते रहो और हर पल का आनंद लो।”

अनाहत ने इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए अपने परिवार, कोच, सरकार और स्पॉन्सर्स को श्रेय दिया।

उन्होंने कहा, “मैं इसे बहुत से लोगों को समर्पित कर सकती हूं। सबसे पहले मेरे परिवार, मेरे माता-पिता और मेरी बहन, उन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया है। और मेरे कोच, उनके बिना मैं यह सब नहीं कर पाती।”

देश की राष्ट्रपति ने भी एक्स पर पोस्ट कर अनाहत को बधाई दी। उन्होंने लिखा, “एशियन गेम्स 2026 में महिला सिंगल्स स्क्वैश में सिल्वर मेडल जीतने पर अनाहत सिंह को मेरी हार्दिक बधाई। एशियन गेम्स में स्क्वैश सिंगल्स में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर आपने इतिहास रच दिया है।”