लखनऊ, 27 सितंबर (आईएएनएस)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष के आरोपों पर योगी सरकार के मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने विपक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगाकर देश की छवि को दुनिया में खराब करने का आरोप लगाया।
ओपी राजभर ने कहा, “अखिलेश यादव 2017 का विधानसभा चुनाव हारे, 2019 का लोकसभा चुनाव हारे और 2022 का चुनाव भी हारे, वो 2027 का चुनाव भी हारेंगे। उन्हें लग रहा है कि नया एसआईआर करके उनके लोगों के नाम काट दिए गए हैं। एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है। 1952 से एसआईआर का काम हो रहा है, 1965 में हुआ, 1966 में हुआ, 2003 में हुआ। मतदाता सूची में जो मृतक हैं, उनका नाम निकाला जा रहा है और जो शिफ्टेड वोटर हैं, जिन्होंने कई जगह अपना नाम लिखवा रखा है, उनका एक जगह नाम रखा जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर राजभर ने कहा कि आयोग ने सबको मौका दिया है। जो अपना नाम बढ़वाना चाहता है उसके लिए फॉर्म 6 और जो अपना नाम कटवाना चाहता है उसके लिए फॉर्म 7 भरने का विकल्प खुलेआम दिया गया है। जब जनता ने इन्हें वोट देना बंद कर दिया है तो अब ये लोग सरकारी संस्थाओं पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं और कोई बात नहीं है। अपने गिरेबान में झांक कर देखें। पांच साल खुद अखिलेश यादव सरकार में थे, उन्होंने अपनी ही जाति को बढ़ाया। किसी भी विभाग में चले जाइए, थाने पर जाइए, तहसील में जाइए, ब्लॉक पर जाइए, कहीं भी जाइए, उन्होंने अपनी बिरादरी को बैठाने का काम किया है। विरादरी – नाई, पाल, प्रजापति, बिंद, निषाद, केवट, कश्यप, राजभर, चौहान, चौरसिया और जुलाहा में इन्होंने किसको बढ़ाया है? कौन इनको वोट देगा?
ओपी राजभर ने कहा कि इसी वजह से अब यादव भी दो तरह के हो गए हैं। एक यादव वो है जो मजबूत है और अखिलेश यादव के साथ है, और दूसरा यादव वो है जो गाय-भैंस रखता है, दूध बेचकर अपने बेटे को पढ़ाता है, वो अब इनके साथ नहीं है। उसने साथ छोड़ दिया है, वो पीएम मोदी के साथ चला गया है और अब प्रधानमंत्री की जय-जयकार कर रहा है।
राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव अब बहुत परेशान हैं कि अब क्या होगा। ग्वाल को बढ़ाओगे और धनगर को छोड़ दोगे तो दिक्कत तो पैदा होगी ही। ये जो आरोप लगा रहे हैं, इनके आरोप निराधार हैं। चुनाव आयोग अपनी जगह जो कर रहा है, सही कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का एक सूत्री अभियान है- हम झूठ बोलेंगे, जनता से झूठ बोलकर वादा करेंगे और जनता से किए हुए वादे पर खरा नहीं उतरेंगे। अगर इनमें दम है तो ये राहुल गांधी से क्यों नहीं पूछ लेते, जिनसे इनके गठबंधन की बात चल रही है, कि बताइए आपने एसआईआर कराया तो कैसे कराया, कितने लोगों का नाम काटा, कितना जोड़ा, कितना घटाया, यह उनसे पूछ लेना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि खाली 2003 में ही नया एसआईआर थोड़ी हुआ है, चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके स्पष्ट बता दिया है कि हमने क्या-क्या किया है। मैं खुद अपनी विधानसभा से इसका गवाह हूं। 16,000 मतदाता मृतक पाए गए, उनका नाम निकाला गया। जो शिफ्टेड वोटर थे, जिन्होंने अलग-अलग जगहों पर अपना नाम लिखवा रखा था, उनका नाम आयोग ने एक जगह किया है। इस तरह 403 विधानसभा है, अगर जोड़ लें तो कहीं 20,000, कहीं 18,000, कहीं 16,000, कहीं 12,000, कहीं 10,000 ऐसे मृतक नाम निकाले गए हैं जो वोटर लिस्ट में थे। तो चुनाव आयोग ने क्या बुरा किया?
ओपी राजभर ने कहा कि असल में अखिलेश यादव और राहुल गांधी ये लोग स्वर्ग से पकड़ कर लाते थे या नरक में जाकर ले आते थे, उनका वोट डलवा लेते थे और फिर ले जाकर बेचारों को वहीं पहुंचा देते थे। अब चिंता इस बात की है कि बेचारे वोटर लिस्ट से निकल गए, अब स्वर्ग-नरक जाएंगे कैसे? फर्जी मतदान करेंगे कैसे? इस वजह से ये लोग परेशान हैं और कोई बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि ये लोग संवैधानिक संस्था के खिलाफ बोल रहे हैं। ये भारत को दुनिया की निगाहों में भारत की छवि खराब कर रहे हैं। इसके लिए हम अखिलेश यादव और राहुल गांधी से कहेंगे, जो लोग सवाल उठा रहे हैं, उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए कि हम लोग गलती कर रहे हैं। हम लोग देश की छवि को बर्बाद कर रहे हैं, बदनाम कर रहे हैं। इस पर इनको माफी मांगनी चाहिए। जब जनता आपको वोट नहीं दे रही है तो फिर आप कैसे जीतोगे भैया।
