नई दिल्ली, 27 सितंबर (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा भारत निर्वाचन आयोग में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और आंदोलन की बात करने पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि वे (सीजेपी) ऐसे कई मुद्दों को उठाने में सक्षम हैं।
उन्होंने कहा कि देश में जवाबदेही लाने की बात करने वाले सभी नेताओं और संगठनों के साथ मेरी सहानुभूति, सहमति और समर्थन है, लेकिन हर समय हर आंदोलन से जुड़े रहना संभव नहीं होगा।
सीईसी ज्ञानेश कुमार के बारे में सीजेपी की घोषणा पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, “मैं हमेशा से चाहता था कि जो लोग काबिल बन जाएं, वे आगे चलकर अलग-अलग मुद्दों को उठाएं। जब वे नए थे और उन्हें मेरी जरूरत थी, तो मैंने शिक्षा आंदोलन में उनका साथ दिया। अब वे ऐसे कई मुद्दों को उठाने में सक्षम हैं क्योंकि मेरे लिए हर मुद्दे का समर्थन करना या हर समय हर आंदोलन से जुड़े रहना संभव नहीं होगा। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। न सिर्फ सीजेपी, बल्कि देश में जवाबदेही लाने की बात करने वाले सभी नेताओं और संगठनों के साथ मेरी सहानुभूति, सहमति और समर्थन है लेकिन मैं हर आंदोलन में शामिल नहीं हो पाऊंगा क्योंकि अभी मैं लद्दाख के लिए न्याय की मांग कर रहा हूं और उस दिशा में आगे बढ़ रहा हूं।”
लद्दाख हिंसा की पहली बरसी पर सोनम वांगचुक कहते हैं, “मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि अक्टूबर की शुरुआत में बातचीत की बात कही गई थी, लेकिन हमारा भरोसा धीरे-धीरे कम हो रहा है क्योंकि अब तक चीजें ऐसी ही होती रही हैं। इसलिए हमें उम्मीद है कि 2 अक्टूबर तक हमें कुछ ऐसा सुनने को मिलेगा जिससे हमारा यह भरोसा बहाल हो कि सरकार कुछ सही करने जा रही है। वरना हम शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन और हमारे पास उपलब्ध अन्य शांतिपूर्ण तरीकों को जारी रखेंगे।”
