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मायावती का ईवीएम पर फिर हमला, बोलीं-वोट की विश्वसनीयता पर संदेह लोकतंत्र के लिए घातक

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लखनऊ, 28 सितंबर (आईएएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ईवीएम से चुनाव कराने की प्रक्रिया पर फिर सवाल उठाते हुए इसे तत्काल बंद कर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनाव में मतदाता को इस बात का पूरा भरोसा होना चाहिए कि उसने जिस उम्मीदवार को वोट दिया है, उसका मत उसी के खाते में गया और गिनती में शामिल हुआ। वोट को लेकर संदेह की स्थिति लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

मायावती ने सोमवार को मीडिया को जारी बयान में कहा कि संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार दिया है और निष्पक्ष चुनाव कराना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें प्रत्येक मतदाता बिना किसी संदेह के अपने मत के सुरक्षित और सही तरीके से दर्ज होने को लेकर आश्वस्त रहे। बसपा प्रमुख ने कहा कि देश में शुरुआती कई दशकों तक बैलेट पेपर के जरिए चुनाव होते रहे और मतगणना के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मतपत्रों की गिनती की जाती थी।

उन्होंने कहा कि बाद में बैलेट पेपर की जगह ईवीएम का इस्तेमाल शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे और ईवीएम की इलेक्ट्रॉनिक चिप के साथ छेड़छाड़ किए जाने की आशंका जताई थी। मायावती ने कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने ईवीएम से मतदान और मतगणना की व्यवस्था को जारी रखा। मायावती ने कहा कि बसपा शुरू से ही ईवीएम के इस्तेमाल का विरोध करती रही है।

उन्होंने दावा किया कि पार्टी के समर्थकों के बीच ईवीएम को लेकर अविश्वास बढ़ रहा है। नगीना लोकसभा सीट का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार की जीत को लेकर भी स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं और आशंकाएं हैं। हालांकि, ये आरोप और धारणाएं संबंधित पक्षों के दावों के रूप में ही देखी जानी चाहिए। बसपा प्रमुख ने वीवीपैट व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि सभी वीवीपैट पर्चियों का ईवीएम में दर्ज मतों से मिलान नहीं होता, तो मतदाता के मन में उठने वाले संदेह पूरी तरह समाप्त नहीं किए जा सकते।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली को लेकर आशंकाओं के बीच मतदाताओं का विश्वास बनाए रखना चुनाव आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। मायावती ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) समेत चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर फैली भ्रांतियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इन मामलों में समय रहते स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी। ऐसा नहीं होने से विपक्ष और जनता के बीच असमंजस और नाराजगी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को चुनाव से जुड़े सभी सवालों और आशंकाओं का समय रहते समाधान करना चाहिए, ताकि निष्पक्ष चुनाव को लेकर जनता का विश्वास कायम रहे।

मायावती ने कहा कि देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर भरोसा बहाल करने के लिए बसपा की मांग है कि ईवीएम से मतदान की प्रक्रिया बंद कर बैलेट पेपर से चुनाव कराया जाए। साथ ही एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अन्य मुद्दों पर उठ रही भ्रांतियों को भी दूर किया जाए।

बसपा प्रमुख ने दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों में कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने संबंधित राज्य सरकारों से कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास सर्वोपरि है और चुनाव आयोग को इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।

–आईएएनएस

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