फिरोजपुर, 28 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब के फिरोजपुर में सोमवार को हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उन पर देश की लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले भी जलाए।
इस मौके पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में चुनावी प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूचियों से नाम हटाकर 13.8 करोड़ लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित किया गया।
वड़िंग ने बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा का उदाहरण देते हुए दावा किया कि इन राज्यों के चुनावी नतीजे जमीनी हकीकत और लोगों की धारणा से अलग रहे।
उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि ऐसे मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जिन्हें भाजपा अपने खिलाफ मानते हैं।
वड़िंग ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीन साल पहले यह मुद्दा उठाया था, लेकिन उस समय चुनाव आयोग ने इन आरोपों से इनकार किया था।
उन्होंने दावा किया कि अब चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने उन बातों को स्वीकार किया है, जिन्हें राहुल गांधी पिछले तीन वर्षों से उठाते आ रहे हैं।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने को लेकर सतर्क रहने की अपील की।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कर वोटों को हटाना और इससे भाजपा को फायदा पहुंचाना चुनाव आयोग की सामान्य प्रक्रिया बन गई है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भी ऐसा ही हो रहा है।
वड़िंग ने दावा किया कि पंजाब की मतदाता सूची से अब तक 20 लाख वोट हटाए जा चुके हैं और यह आंकड़ा आगे और बढ़ सकता है।
उन्होंने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि आप और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
वड़िंग ने पंजाब की नगर समितियों के चुनावी नतीजों का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने उनके नतीजों को प्रभावित किया था।
उन्होंने राज्य सरकार पर पंजाब की राजनीति में अपराधीकरण को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया।
वड़िंग ने आशंका जताई कि अगर यही स्थिति जारी रही तो वह समय दूर नहीं, जब गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे जग्गू भगवानपुरिया और गुरप्रीत सेखों जैसे अपराधी और गैंगस्टर ही चुनाव लड़ते नजर आएंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर भी राज्य में गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर दिल्ली के नेताओं के सामने झुकने का आरोप लगाते हुए उन पर तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि मंत्रियों के लिए बने 10 सरकारी बंगलों को दिल्ली और राजस्थान के अनधिकृत लोगों को आवंटित किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी लोग इन सरकारी बंगलों में रह रहे हैं, जबकि राज्य के मंत्रियों को गेस्ट हाउस में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
