मुंबई, 28 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने 14 फीट से ऊंची झुग्गी-झोपड़ियों को गिराने के प्रस्ताव को लेकर बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े से मुलाकात की। उन्होंने नगर निकाय की प्रस्तावित कार्रवाई को रोकने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने उज्जैन में मस्जिद से जुड़े विवाद, आईआईटी बॉम्बे के छात्र की मौत के बाद परिजनों के प्रदर्शन और सांताक्रूज सीवर हादसे को लेकर भी प्रतिक्रिया दी।
बीएमसी कमिश्नर से मुलाकात के बाद अबू आजमी ने कहा कि प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर अधिकारियों से बातचीत हुई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इतनी बड़ी संख्या में कार्रवाई एक दिन में नहीं हो सकती। करीब 39 हजार झुग्गियों को लेकर कार्रवाई की बात सामने आई है, लेकिन यह काम एक साथ नहीं किया जा सकता। अवैध निर्माण पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसके लिए कोई रास्ता निकाला जाना जरूरी है। इस पूरे मामले को लेकर बातचीत चल रही है और संबंधित योजनाओं को जल्द लागू करने की कोशिश की जा रही है।
आईआईटी बॉम्बे में छात्र की मौत के बाद उसके परिजनों के भूख हड़ताल पर बैठने के सवाल पर अबू आजमी ने कहा कि जब कोई माता-पिता अपने बेटे को पढ़ने के लिए भेजते हैं और उसकी मौत हो जाती है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि छात्र को दलित और निचली जाति से होने के कारण अपमान का सामना करना पड़ा और इसी वजह से उसने आत्महत्या की। अगर ऐसा हुआ है तो जिम्मेदार व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
उज्जैन में मस्जिद से जुड़े विवाद पर अबू आजमी ने कहा कि 1947 से पहले मौजूद इबादतगाहों और पूजा स्थलों को उसी जगह पर रहना चाहिए और अगर सड़क के विस्तार या निर्माण की जरूरत है तो उसका रास्ता कहीं और से निकाला जाना चाहिए। किसी मस्जिद को तोड़ने का ऐलान करना उचित नहीं है। आजमी ने आरोप लगाया कि मुसलमानों के साथ जानबूझकर ज्यादती की जा रही है और ऐसे मुद्दों के जरिए राजनीतिक ध्रुवीकरण करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि राजनीति में मंदिर-मस्जिद और हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दों को लगातार उठाया जा रहा है। आजमी ने इसे लेकर सरकार और राजनीतिक दलों पर निशाना साधा।
सांताक्रूज सीवर हादसे को लेकर अबू आजमी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं और हादसों पर ध्यान देने के बजाय मंदिर-मस्जिद के मुद्दों पर ज्यादा चर्चा हो रही है। आजमी ने आरोप लगाया कि सांप्रदायिकता फैलाने और सत्ता में बने रहने की राजनीति के बीच आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हादसे में लोगों की जान गई, लेकिन सरकार को इसकी परवाह नहीं है।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी सरकार को जल्द से जल्द सत्ता से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं के बजाय दूसरे राजनीतिक मुद्दों पर ध्यान दे रही है।
