नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। भारतीय सेना के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल एडीजीपीआई (जन सूचना का अतिरिक्त महानिदेशालय) पर पोस्ट कर इस मुलाकात की जानकारी दी गई है।
एडीजीपीआई ने पोस्ट करते हुए लिखा, “इंडिया-यूएस फ्रेंडशिप को आगे बढ़ाना। लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी वोवेल, डिप्टी कमांडिंग जनरल, यूएसएआरपीएसी ने 28 सितंबर को जनरल धीरज सेठ, सीओएएस से मुलाकात की। नेताओं ने इंडो-पैसिफिक में बदलते सुरक्षा हालात पर चर्चा की और कई क्षेत्रों में आपसी रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के मौकों पर बात की।”
सेना के मुताबिक, दोनों शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच हुई इस बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तेजी से बदल रहे सुरक्षा परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा हुई। भारत और अमेरिका दोनों ही इस क्षेत्र में शांति और स्वतंत्र नेविगेशन को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बैठक में आपसी रक्षा सहयोग को कई नए क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के अवसरों पर भी मंथन किया गया। दोनों देशों ने माना कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बीच एक-दूसरे के साथ तालमेल और सहयोग को बढ़ाना बेहद जरूरी है।
इस बातचीत में संयुक्त प्रशिक्षण और सैन्य अभ्यासों के जरिए इंटरऑपरेबिलिटी यानी आपसी तालमेल और साथ काम करने की क्षमता को बेहतर बनाने के उपायों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। एडीजीपीआई ने अपनी पोस्ट में ‘युद्ध अभ्यास’ का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि युद्ध अभ्यास की सफलता ने संयुक्त अभियानों के बेहतरीन तालमेल को साबित किया और सेनाओं के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करने की दोनों सेनाओं की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया।
‘युद्ध अभ्यास’ भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच होने वाला सबसे बड़ा द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है। इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता को बढ़ाना, आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग और एक-दूसरे की युद्ध नीतियों को समझना है। इस अभ्यास के दौरान दोनों सेनाओं के जवान एक साथ पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में ऑपरेशन की प्रैक्टिस करते हैं।
