नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक को लेकर एनडीए के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है कि इन दलों के बीच आपस में ही टकराव जारी है।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने कहा, “कहां इंडिया ब्लॉक अभी है जिंदा क्या? आप बताइए, पश्चिम बंगाल का चुनाव बीत गया, इंडिया ब्लॉक दिखा आपको? दिल्ली का चुनाव गया, आपको दिखा? पंजाब में क्या हो रहा यह देखना चाहिए। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच ‘जूतम पैजार’ हो रहा है। पूरा देश इसको देख रहा है, फिर ‘इंडिया’ गठबंधन किस बात का है। ये सब जनता को ठगने वाले हैं। इनके रोज एजेंडे बदलते हैं। इन लोगों की ओर से जनता की आंख में धूल झोंका जाता है।”
भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा, “इसको कहा जाता है कि सांप निकल गया और लकीर को लाठी से पीटना। मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सारी बातों को स्पष्ट कर दिया गया। सुनने में आ रहा है कि गठबंधन की बैठक से अखिलेश यादव ने भी किनारा कर लिया है। राहुल गांधी जिसके साथ रहते हैं ‘भस्मासुर’ की तरह उस दल को खत्म कर देते हैं।”
भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में कौन आएगा या कौन नहीं आएगा, इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा। यह उनका निजी मामला है लेकिन यह गठबंधन किसलिए बनाया गया है? सब अपने निजी स्वार्थ को लेकर साथ आए हैं।
भाजपा नेता गुरु प्रकाश ने कहा, “कहां है ‘इंडिया’ गठबंधन? न तो अखिलेश यादव आएंगे और न ममता बनर्जी आएंगी। ये पारिवारिक लोग हैं।”
जदयू नेता राजीव रंजन ने कहा, “इस गठबंधन की गांठें उभर सकती हैं क्योंकि सपा ने पहले ही मना कर दिया है। दूसरी ओर डीएमके का ताजा रुख क्या होगा, नेशनल कॉन्फ्रेंस शामिल होगी या नहीं, आम आदमी पार्टी का रवैया क्या होगा और कांग्रेस की ओर से जिस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर तय करने की कोशिश होगी, उस पर साथी दलों का रुख उतना आक्रामक होता है या नहीं होता। ऐसे में देखना होगा कि क्या होता है?”
वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता आशुतोष वर्मा ने कहा, “सपा प्रमुख अखिलेश के कई कार्यक्रम पहले से प्रस्तावित हैं। ‘इंडिया गठबंधन’ की बैठक में पहुंच पाना संभव नहीं है। मेरा मानना है कि जमीन पर रहने की जरूरत है। सपा का प्रतिनिधि मंडल वहां जाएगा और पहले भी ऐसा हुआ है। हम ‘इंडिया’ गठबंधन के साथ हैं।”
जेएमएम नेता मनोज पांडे ने कहा, “महत्वपूर्ण बैठक में सभी लोग जुटेंगे और आगे की रणनीति बनाई जाएगी कि आंदोलन कैसे और तेज किया जाए। हर हाल में सरकार को घुटनों पर लाना है और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई हो, इसी बात के साथ आंदोलन को गति देंगे।
