ग्रेटर नोएडा, 29 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की पहचान अब पुराने ‘कट्टा उद्योग’ से नहीं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल और फाइटर जेट जैसे आधुनिक रक्षा उत्पादन से हो रही है। प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, एक्सप्रेसवे, हवाई संपर्क और औद्योगिक ढांचे के विकास ने कारोबार और निवेश के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। यह बात केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कही।
गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और उत्तर प्रदेश इस शक्ति का महत्वपूर्ण केंद्र है। प्रदेश की औद्योगिक क्षमता अब पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा उत्पादन, आधुनिक विनिर्माण, निर्यात और तकनीक के क्षेत्र में भी तेजी से संभावनाएं विकसित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश मजबूत होगा तो देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश की पहचान ‘कट्टा उद्योग’ जैसे नकारात्मक संदर्भों से की जाती थी, लेकिन आज प्रदेश में ब्रह्मोस मिसाइल और फाइटर जेट जैसे आधुनिक रक्षा उत्पादों के निर्माण की चर्चा हो रही है।
उन्होंने इसे प्रदेश की बदलती औद्योगिक क्षमता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क, एक्सप्रेसवे, हवाई संपर्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवागमन आसान हुआ है। जेवर में विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी कनेक्टिविटी और कारोबारी गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना है। बेहतर बुनियादी ढांचा उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में मदद करता है।
गिरिराज सिंह ने एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों के विशिष्ट उत्पादों, कारीगरों और उद्यमियों को बड़े बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बनारस की साड़ी, मुरादाबाद का पीतल, भदोही का कालीन और लखनऊ की चिकनकारी जैसे उत्पादों की देश-विदेश में अलग पहचान है। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों को आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और वैश्विक बाजार से जोड़ने की आवश्यकता है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे आयोजन स्थानीय उत्पादों और उद्यमियों को देश-दुनिया के खरीदारों के सामने अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने यूपीआईटीएस-2026 में हुई बी2बी बैठकों और कारोबारी गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पांच दिवसीय आयोजन में उत्तर प्रदेश के उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों और प्रदर्शकों को देश-विदेश के खरीदारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि निर्यात, विनिर्माण और एमएसएमई क्षेत्र इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
गिरिराज सिंह ने ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने के लिए एथनॉल सहित वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए स्वदेशी और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का विस्तार जरूरी है। ऊर्जा आयात पर होने वाले खर्च को कम करना आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। उन्होंने ब्रिक्स सहित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की आर्थिक और औद्योगिक क्षमता का विस्तार हो रहा है और युवाओं तथा उद्यमियों को इसका लाभ मिलना चाहिए।
समारोह के बाद राजनीतिक मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन को अपने शब्दों में ‘ठगबंधन’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और एसआईआर जैसे मुद्दों को राजनीतिक रंग देकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान जिन लोगों के नाम छूट गए हैं या हटे हैं, उनके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम जुड़वाने का अवसर उपलब्ध है। इसके बावजूद विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि कांग्रेस और सपा को लेकर सीटों के बंटवारे की राजनीति सामने आती रही है। उन्होंने युवाओं से विकास और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की। केंद्रीय मंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान वैक्सीन को लेकर विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय विपक्ष के कुछ नेताओं ने कोरोना वैक्सीन को लेकर सवाल खड़े किए और लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा की।
उन्होंने विशेष रूप से सपा नेता अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए दावा किया कि वह स्वयं वैक्सीन लगवा रहे थे, जबकि आम जनता के बीच वैक्सीन को लेकर अलग तरह का संदेश दिया जा रहा था। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भारत ने बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया और वैक्सीन निर्माण के क्षेत्र में अपनी क्षमता प्रदर्शित की। उनके अनुसार, महामारी जैसी परिस्थितियों में लोगों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों के आधार पर जागरूक करना जरूरी है। गिरिराज सिंह ने यूपीआईटीएस-2026 की सफलता के लिए आयोजकों, अधिकारियों, विभिन्न विभागों, इंडिया एक्सपो मार्ट, उद्यमियों, कारीगरों, प्रदर्शकों और देश-विदेश से आए खरीदारों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि आयोजन ने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, हस्तशिल्प, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर दिया। समापन समारोह में प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, राज्य मंत्री एमएसएमई हंसराज विश्वकर्मा, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील, सचिव प्रांजल यादव, कमिश्नर उद्योग के. विजयेंद्र पांडियन, विशेष सचिव एमएसएमई शिशिर और अपर कमिश्नर उद्योग रोहित आनंद समेत अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
