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एआई और बेहतर गवर्नेंस पर सीएम चंद्रबाबू नायडू का फोकस, मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम में क्षमता निर्माण की वकालत

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विजयवाड़ा, 29 सितंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को गवर्नेंस सिस्टम और संस्थानों में क्रांतिकारी बदलाव की मांग की, ताकि लोगों की उम्मीदों को पूरा किया जा सके और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी नई टेक्नोलॉजी से मिलने वाले मौकों का फायदा उठाया जा सके।

उन्होंने लोगों का भरोसा जीतने के लिए अच्छे गवर्नेंस के वास्ते टेक्नोलॉजी, लीडरशिप और पॉलिसी को एक साथ लाने, स्किल्स को बेहतर बनाने, यूनिवर्सिटी और इनोवेशन पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने विजयवाड़ा में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की ओर से आयोजित ‘मिशन कर्मयोगी’ वर्कशॉप को संबोधित करते हुए कहा कि अगले 20 साल भारत के विकास के लिए बहुत अहम होंगे और सरकारी कर्मचारियों से अपील की कि वे कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम के जरिए लगातार अपनी स्किल्स को बेहतर बनाते रहें।

उन्होंने कहा कि भारत में अपार अवसर, आधुनिक तकनीक, प्रतिभाशाली युवा और बढ़ती आकांक्षाएं हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनौती इन आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए गवर्नेंस सिस्टम और संस्थानों को मजबूत करना है।

उन्होंने क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) के एक प्रमुख उदाहरण के तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी के देश के प्रधानमंत्री बनने तक की यात्रा का जिक्र किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सरकारी कर्मचारियों के कौशल विकास को लगातार सुनिश्चित करने के लिए ‘कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन’ के जरिए ‘आई गॉट–मिशन कर्मयोगी’ पहल शुरू की है। यह ऑनलाइन ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी क्षमताओं को नियमित रूप से बेहतर बनाने में मदद करता है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी कर्मचारियों को राज्य स्तर से लेकर जमीनी स्तर तक अच्छी सार्वजनिक सेवाएं देने के लिए लगातार ट्रेनिंग लेनी चाहिए।

नायडू ने आंध्र प्रदेश सरकार के तंत्र को आई गॉट कर्मयोगी पोर्टल के जरिए दो करोड़ कोर्स पूरे करने के लिए बधाई दी, जिससे राज्य को क्षमता निर्माण में शीर्ष स्थान हासिल करने में मदद मिली।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और सरकारी विभागों के बीच तालमेल को आपस में जोड़ना जरूरी है। विभागों के बीच लगातार जानकारी साझा करने से तेजी से फैसले लेने में मदद मिलेगी और समस्याओं के संकट का रूप लेने से पहले ही उनकी पहचान करके उन्हें हल किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने, त्योहारों के आयोजन और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों को लागू करने में सरकारी कर्मचारियों की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने जनसेवा के प्रति उनके समर्पण की सराहना की और कहा कि उनके योगदान को कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, जिसके लिए वे अक्सर अपने परिवार के साथ बिताने वाले समय का भी त्याग करते हैं।

आंध्र प्रदेश ने ‘मिशन कर्मयोगी’ पहल के तहत अपने प्रदर्शन के लिए सरकारी कर्मचारियों की क्षमता निर्माण में राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री नायडू ने वित्त विभाग के प्रधान सचिव पीयूष कुमार और एपी राज्य विकास योजना सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक अलापार्थी वेंकटेश्वर राव को यह पुरस्कार प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने क्षमता निर्माण में प्रदर्शन के लिए कर्नाटक (दूसरा स्थान) और ओडिशा (तीसरा स्थान) को भी पुरस्कार दिए। क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष राधा चौहान ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी आधुनिक तकनीकों के दौर में सरकारी अधिकारियों की क्षमताओं को और बढ़ाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि ‘नागरिक देवो भव:’ (नागरिक को देवता के समान मानना) केंद्र और राज्य सरकारों के लिए एक मुख्य मार्गदर्शक सिद्धांत बन गया है। सरकारी कर्मचारियों को अपने आचरण, प्रशासनिक क्षमताओं, प्रदर्शन और कौशल को इस सिद्धांत के अनुरूप ढालने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए जिम्मेदार सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन, क्षमता निर्माण आयोग के माध्यम से ‘उन्नति’ जैसी पहल चला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह की क्षेत्रीय कार्यशालाएं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान और क्षमताओं को बढ़ाने का अवसर प्रदान करती हैं।