नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से आग्रह किया कि वे महाराष्ट्र सरकार के साथ बातचीत करके तुम्मिदिहेट्टी बैराज के प्रस्तावित निर्माण से जुड़े मामले को सुलझाएं।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री को बताया कि तुम्मिदिहेट्टी बैराज के निर्माण का प्रस्ताव महाराष्ट्र सरकार को सौंप दिया गया है और उन्होंने पाटिल से बैराज के लिए जरूरी मंजूरी दिलाने में मदद करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मंगलवार शाम दिल्ली में राज्य के सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी के साथ सीआर पाटिल से मुलाकात की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को कृष्णा और गोदावरी बेसिन में तेलंगाना की परियोजनाओं से जुड़े अहम लंबित मुद्दों के बारे में जानकारी दी।
सीएम ने जल शक्ति मंत्री से अनुरोध किया कि वे तेलंगाना और महाराष्ट्र के बीच प्लस 152 मीटर के फुल रिजर्वॉयर लेवल (एफआरएल) पर तुम्मिदिहेट्टी बैराज बनाने के समझौते की प्रक्रिया में तेजी लाएं। मुख्यमंत्री ने पाटिल को बताया कि 152 मीटर के लेवल पर बैराज बनाने से ग्रेविटी के जरिए येल्लमपल्ली परियोजना तक पानी पहुंचाना संभव हो सकेगा, जिससे बिजली की खपत और पानी की सप्लाई से जुड़ी लागत, दोनों को कम करने में मदद मिलेगी।
बैठक में तेलंगाना की परियोजनाओं के लिए अटकी हुई पर्यावरण मंजूरी की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री से पलमुरु-रंगारेड्डी लिफ्ट इरिगेशन स्कीम (पीआरएलआईएस), डिंडी लिफ्ट इरिगेशन स्कीम (डीएलआईएस), सीताराम सागर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट (एसएसएमपी) और गौरवल्ली जलाशयों के लिए पर्यावरण मंजूरी देने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने पाटिल का ध्यान सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद पर्यावरण मंजूरी के लिए जारी नई गाइडलाइंस की ओर दिलाया और केंद्र से इन परियोजनाओं को तुरंत मंजूरी देने का आग्रह किया। सीएम ने मंत्री को बताया कि मंजूरी मिलने में देरी के कारण निर्माण की लागत बढ़ रही है।
जल शक्ति मंत्री से सम्मक्का सागर परियोजना के लिए केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के पास लंबित मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने का भी अनुरोध किया गया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पहले ही सीडब्ल्यूसी को सौंपी जा चुकी है और सिंचाई योजना तथा अंतर-राज्यीय पहलुओं के संबंध में मंजूरी मांगी गई है। इसके साथ ही, परियोजना के लिए ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (एनओसी) प्राप्त करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के साथ बातचीत चल रही है।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने टेलीमेट्री सिस्टम लगाने के रुके हुए काम पर चर्चा की, जिसे कृष्णा नदी प्रबंधन बोर्ड (केआरएमबी) कर रहा है, और काम में तेजी लाने का अनुरोध किया।
सीएम रेड्डी ने बताया कि राज्य सरकार ने सिस्टम लगाने के पहले चरण के लिए जरूरी 4.15 करोड़ रुपए पहले ही जमा कर दिए हैं और उन्होंने पहले, दूसरे और तीसरे चरण में सिस्टम लगाने का काम तेजी से पूरा करने का आग्रह किया। इस मौके पर राज्य मंत्री जी. विवेक वेंकटस्वामी, सांसद गड्डम वामसी कृष्णा, विधायक गड्डम विनोद, राज्य सरकार के सलाहकार (सिंचाई) आदित्यनाथ दास और मुख्यमंत्री के सचिव माणिकराज भी मौजूद थे।
