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झारखंड के प्रतियोगी छात्र फिर आंदोलन की तैयारी में, सरकार को 7 अक्टूबर तक का दिया अल्टीमेटम

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रांची, 30 सितंबर (आईएएनएस)। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में पारदर्शिता, नियमित भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों ने राज्य सरकार को 7 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया है। छात्रों ने कहा है कि इस अवधि में उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे राज्य से छात्रों को जुटाकर ‘छात्र महाजुटान’ आयोजित किया जाएगा।

रांची में बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्र प्रतिनिधि हर्षित सिंह और खूंटी की अभ्यर्थी निशात परवीन ने कहा कि आंदोलन स्थगित कराने के दौरान वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृत्व में परीक्षा सुधार समिति गठित करने का आश्वासन दिया गया था। छात्रों का दावा है कि करीब दो महीने बीत जाने के बाद भी समिति का गठन नहीं हुआ है। छात्र प्रतिनिधियों ने झारखंड लोक सेवा आयोग में अध्यक्ष और बोर्ड सदस्यों के रिक्त पदों पर भी जल्द नियुक्ति की मांग की।

उन्होंने कहा कि आयोग में महत्वपूर्ण पद खाली रहने से परीक्षाओं, साक्षात्कार और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है। छात्रों ने यूपीएससी की तर्ज पर वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने और उनका सख्ती से पालन करने की मांग भी की। छात्रों ने पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न परीक्षाओं को लेकर उठे विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद 22 से अधिक परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी हैं। उन्होंने नियमित भर्ती प्रक्रिया नहीं होने का मुद्दा भी उठाया।

छात्रों के अनुसार, दरोगा भर्ती का अंतिम विज्ञापन 2017 में जारी हुआ था और 2018 में नियुक्ति हुई थी। इसके बाद इस पद के लिए नई भर्ती नहीं हुई। इसी तरह एलडीसी भर्ती के लिए 2020 में आवेदन लिए जाने के बाद विज्ञापन वापस ले लिया गया था। परीक्षा प्रक्रिया में सुधार को लेकर छात्रों ने कई सुझाव भी रखे। इनमें प्रारंभिक परीक्षा में ई-ऑप्शन और नेगेटिव मार्किंग लागू करना, श्रेणीवार कटऑफ और मार्कशीट जारी करना तथा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए कम से कम 90 दिन का समय देना शामिल है।

छात्रों ने मुख्य परीक्षा में शॉर्ट आंसर आधारित प्रश्न शामिल करने, झारखंड से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने, क्षेत्रीय भाषाओं के मूल्यांकन में स्केलिंग पैटर्न लागू करने और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की गोपनीयता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने इंटरव्यू तक पहुंचने लेकिन अंतिम मेरिट में जगह नहीं बना पाने वाले अभ्यर्थियों को अन्य सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने तथा छात्रों से जुड़े मामलों में अदालत में सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी की मांग भी रखी।

छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि 7 अक्टूबर तक रिफॉर्म कमेटी का गठन और जेपीएससी अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई तो इसके बाद राज्यभर से छात्रों को जुटाकर ‘छात्र महाजुटान’ किया जाएगा।

–आईएएनएस

एसएनसी/पीएम