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अखिलेश यादव का सरकार पर निशाना, बोले- हरा और लाल रंग मिलेंगे तो बदलेगा सत्ता का रंग

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लखनऊ, 30 सितंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को सरकार पर किसानों, चुनावी प्रक्रिया और प्रदेश के विकास को लेकर निशाना साधा है। राज्यसभा चुनाव में तीसरे प्रत्याशी के सवाल पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संख्या बल के आधार पर फैसला होना चाहिए और जैसे ही संख्या पूरी होगी, तीसरे उम्मीदवार के नाम का भी ऐलान कर दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कई विधायक सपा के संपर्क में हैं, लेकिन पार्टी किसी से ऐसा वादा नहीं करना चाहती जिसे बाद में पूरा न कर सके।

सपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तंज कसा। उन्होंने एक वीडियो दिखाते हुए कहा कि जब हरा और लाल रंग मिलेंगे तो सपा का झंडा बनेगा। हरा रंग किसानों का और लाल रंग क्रांति का प्रतीक है। दोनों रंग मिलकर सत्ता बदलने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों की अनदेखी की जा रही है। किसानों से वोट जरूर लिए जाते हैं, लेकिन उनके लिए पर्याप्त काम नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए मुफ्त पानी, सस्ती बिजली और फसल तथा गन्ने का भुगतान 24 से 48 घंटे के भीतर कराने की व्यवस्था की जाएगी। राज्यसभा चुनाव में सपा की ओर से प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी के नामांकन के बाद तीसरे प्रत्याशी को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश ने कहा कि जैसे ही संख्या पूरी हो जाएगी, तीसरे उम्मीदवार का भी ऐलान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संख्या बल के हिसाब से फैसला होना चाहिए। जिसकी संख्या ज्यादा है, उसे मौका मिलना चाहिए। जब वोटों की गिनती पूरी हो जाएगी, तब तीसरे प्रत्याशी का फैसला सार्वजनिक कर दिया जाएगा।

अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को लेकर कहा कि भाजपा के कई विधायक सपा के संपर्क में हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि उन सभी को समायोजित कैसे किया जाएगा। सपा किसी से झूठा वादा करके बाद में वादाखिलाफी नहीं करना चाहती।

अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त पानी और सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। फसल और गन्ने का भुगतान 24 से 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में पहुंचाया जाएगा। उन्होंने खेती में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और मशीनों को सस्ता करने तथा दूध, तिलहन और दलहन के क्षेत्र में प्रसंस्करण योजनाएं शुरू करने की बात कही। उनका कहना था कि किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ दिलाने के लिए डेयरी और सरसों प्रसंस्करण जैसी योजनाओं को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा।

उन्होंने खाद और यूरिया की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सपा नैनो खाद के पक्ष में नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस बार सपा का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहेगा। सपा अध्यक्ष ने चौधरी चरण सिंह और किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि हरा रंग किसान भाइयों का है और लाल रंग समाजवादियों का। जब दोनों रंग मिलेंगे तो पूरे प्रदेश में सपा का रंग दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि किसानों और समाजवादियों की ताकत एक साथ आने पर प्रदेश की राजनीति में बदलाव दिखाई देगा।

उद्योग जगत से जुड़े धनराज परिमल नथवानी को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सपा को नई पीढ़ी और नई सोच के व्यक्ति को राज्यसभा भेजने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट जगत में कई दलों का दबदबा है, लेकिन सपा ने उद्योग जगत से जुड़ने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगने चाहिए। इससे प्रदेश की आय बढ़ेगी और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया के समाजवाद का जिक्र करते हुए कहा कि लोहिया हमेशा समाज में बराबरी की बात करते थे। कोई भी राज्य ऐसा नहीं है जो अपने यहां उद्योगपतियों को न बुलाता हो। प्रदेश में उद्योग बढ़ेंगे तो आय बढ़ेगी और इसी से समानता की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था केवल ‘चढ़ावा चोरी’ से नहीं बन सकती। इसके लिए ठोस विजन की जरूरत है।

चुनाव में वोट चोरी और बेईमानी के आरोपों को दोहराते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह लंबे समय से चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी समर्थकों के वोट काट दिए गए। उन्होंने कहा कि अब जब चुनावी प्रक्रिया को लेकर खबरें अखबारों में आने लगी हैं तो लोगों को समझ में आ रहा है कि वोट चोरी और चुनाव में गड़बड़ी का मामला कितना गंभीर है। उन्होंने नोएडा में फर्जी वोट बनाए जाने का भी आरोप लगाया। अखिलेश ने कहा कि चुनाव में वोट चोरी से जुड़ी जिस तरह की खबरें सामने आ रही हैं, उनका स्वत: संज्ञान लेकर अदालत को पश्चिम बंगाल और बिहार में दोबारा चुनाव कराने पर विचार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सपा ने 2024 में भाजपा को हराया है और 2027 में भाजपा का सफाया कर देगी। उन्होंने भाजपा को पूंजीपतियों और धन्नासेठों की पार्टी बताया। कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर अखिलेश ने कहा कि जो गठबंधन था, वही रहेगा। उन्होंने कहा कि उनके लिए सीटों के बंटवारे का आधार केवल जीत होगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अलग-अलग दिखाई देते हैं, लेकिन सभी साथ हैं। अखिलेश ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में विपक्षी एकजुटता का असर दिखाई देगा।

भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि उनके और बृजभूषण शरण सिंह के संबंध अच्छे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के मुद्दे पर सभी एक हैं। पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के संदर्भ में अखिलेश ने चुटकी लेते हुए कहा कि अब उन्हें भी तय करना पड़ेगा कि वह हरे और लाल रंग का गमछा डालें। उन्होंने रायबरेली की राजनीति को लेकर एक बार फिर ‘लोधी बनाम योगी’ की बात कही।

अखिलेश यादव ने भाजपा के नए कार्यालय को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा को इतना बड़ा कार्यालय बनाने की क्या जरूरत थी। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव आयोग के कार्यालय में ही एक फ्लोर किराये पर ले लेती। उन्होंने आरोप लगाया कि 2022 के चुनाव में चुनाव आयोग ने वोट काटने का काम किया था। अखिलेश ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के मत का सम्मान होना चाहिए।