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युवा नेतृत्व वाले अनुसंधान से महाराष्ट्र वैश्विक नवाचार केंद्र में परिवर्तित होगा: सीएम फडणवीस

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मुंबई, 30 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र भारत की निर्विवाद स्टार्टअप राजधानी है, फिर चाहे वह संख्या के लिहाज से हो या प्रभावी कार्यान्वयन के लिहाज से।

‘द गवर्नेंस चैलेंज’ के चौथे संस्करण के पुरस्कार वितरण समारोह में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा नेतृत्व वाले अनुसंधान और नवाचार से महाराष्ट्र जल्द ही एक वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित हो जाएगा।

यह प्रतिष्ठित शासन प्रतियोगिता बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और समग्र के सहयोग से आयोजित की गई थी। समारोह में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, मित्रा गवर्निंग काउंसिल के सदस्य दीपक करंजिकर और गेट्स फाउंडेशन के उप निदेशक अर्नव कपूर सहित कई प्रमुख गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में वर्तमान में भारत के कुल स्टार्टअप्स का 18 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है, जिसमें 30,000 से अधिक सक्रिय उद्यम हैं। उन्होंने नवी मुंबई में 300 एकड़ में फैले एक विशाल इनोवेशन सिटी के निर्माण की योजना की घोषणा की, जो मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और उन्नत डीप-टेक अनुसंधान पर केंद्रित होगा।

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता नीति 2026 के तहत राज्य विशेष एआई इनक्यूबेटर स्थापित करेगा और 2 लाख से अधिक युवाओं और कामकाजी पेशेवरों को प्रशिक्षित करेगा। इसके अतिरिक्त, राज्य के पहले विशेष स्टार्टअप इनक्यूबेटर के रूप में ‘एम-हब’ का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नवाचार से प्रेरित महाराष्ट्र का लक्ष्य 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का निर्माण करना और 2035 तक इसे 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तक विस्तारित करना है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य एक संपूर्ण नवाचार प्रणाली स्थापित कर रहा है, जो द्वितीय और तृतीय स्तर के क्षेत्रीय केंद्रों (जैसे नागपुर, नासिक, कोल्हापुर, नांदेड़ और अमरावती) के विचारों को सीधे बाजार के लिए तैयार वैश्विक उद्यमों से जोड़ेगी। उन्होंने आगे कहा कि यह पहल महज एक प्रतियोगिता से कहीं अधिक है। यह प्रतिभा और विचारों की खोज का एक मंच है जो महाराष्ट्र और भारत के भविष्य के प्रशासनिक ढांचे को आकार देगा। हैकाथॉन का अंत प्रमाणपत्रों से नहीं होना चाहिए। इनकी असली ताकत वास्तविक दुनिया में इनके कार्यान्वयन में निहित है।

मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने न्यूनतम सरकारी हस्तक्षेप के साथ आत्मनिर्भर नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए सरकार, कॉर्पोरेट क्षेत्रों और बाजार की गतिशीलता के बीच तालमेल पर जोर दिया।