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पश्चिम बंगाल में बाल विवाह और कम उम्र में मां बनने के मामलों पर सरकार सख्त, जीरो टॉलरेंस का अपनाया रुख

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कोलकाता, 30 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को राज्य में बाल विवाह और कम उम्र में लड़कियों के मां बनने के ज्यादा मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “पश्चिम बंगाल दो मामलों में जम्मू-कश्मीर के साथ शीर्ष स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहा है। पहला, 18 साल की उम्र पूरी करने से पहले लड़कियों की शादी और दूसरा, 18 साल से पहले लड़कियों का गर्भवती होना और मां बनना। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। राज्य को इस सामाजिक बुराई से पूरी तरह मुक्त करना होगा और हमारी सरकार इसे हर हाल में खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

मुख्यमंत्री बुधवार दोपहर प्रसिद्ध शिक्षाविद और समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की बंगाली कैलेंडर के अनुसार 2027वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

यह कार्यक्रम पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के बीरसिंह गांव में आयोजित किया गया था। यह ईश्वर चंद्र विद्यासागर का जन्मस्थान है।

इस महीने की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि अब ऐसे मामलों में पतियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा, जिनमें उनकी पत्नी 18 साल की उम्र पूरी करने से पहले मां बन जाती है।

उनकी इस घोषणा के बाद राज्य पुलिस ने उन नाबालिग लड़कियों के परिवार के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जो 18 साल की उम्र पूरी करने से पहले गर्भवती हो जाती हैं या मां बनती हैं।

बुधवार को अपनी चेतावनी दोहराते हुए सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य प्रशासन बाल विवाह रोकने और 18 साल से कम उम्र की लड़कियों को मां बनने से रोकने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाएगा।

इस मौके पर उन्होंने पिछली ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार की भी आलोचना की। उन्होंने खास तौर पर राज्य सरकार द्वारा संचालित पुस्तकालयों में ममता बनर्जी की लिखी किताबें रखे जाने की कथित प्रथा पर सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं राज्य के पुस्तकालयों के अधिकारियों से कहूंगा कि वे उन किताबों को रखना बंद करें और उनकी जगह ईश्वर चंद्र विद्यासागर द्वारा लिखी गई किताबें रखें।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछली राज्य सरकार की गलत नीतियों की वजह से पश्चिम बंगाल शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दूसरे राज्यों से पीछे रह गया।

सीएम अधिकारी ने कहा, “हमें हर हाल में स्थिति में सुधार करना होगा और नई सरकार इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।”