जयपुर, 30 सितंबर (आईएएनएस)। भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को दौसा जिले के बांदीकुई में एक गुप्त अभियान चलाकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया, उनमें एक रेलवे वरिष्ठ अनुभाग इंजीनियर और जयपुर डिस्कॉम के दो अधिकारी शामिल हैं। इन पर बांदीकुई रेलवे स्टेशन पर स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र की नेट मीटरिंग के लिए आवश्यक मीटर परिवर्तन आदेश (एमसीओ) जारी करने से संबंधित रिश्वत लेने का आरोप है।
आरोपियों की पहचान धर्मराज गुर्जर, वरिष्ठ अनुभाग इंजीनियर (विद्युत), बांदीकुई रेलवे जंक्शन, उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडब्ल्यूआर); छोटेलाल सैनी, सहायक इंजीनियर कार्यालय, जयपुर डिस्कॉम, बांदीकुई; और धर्मेंद्र सैनी, लाइनमैन ग्रेड-प्रथम, सहायक इंजीनियर कार्यालय, जयपुर डिस्कॉम, बांदीकुई के रूप में हुई है।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, दौसा चौकी को एक शिकायत मिली थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि शिकायतकर्ता की कंपनी ने नेट मीटरिंग फाइल जमा की थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि छोटेलाल सैनी और धर्मेंद्र सैनी ने एमसीओ जारी करने और फाइल की कार्यवाही करने के लिए 10,000 रुपए की रिश्वत की मांग की।
आरोपित मांग की प्रारंभिक जांच और सत्यापन के बाद, जयपुर स्थित एसीबी मुख्यालय के निर्देशों पर एसीबी ने एक गुप्त ऑपरेशन शुरू किया।
यह ऑपरेशन एसीबी के उप पुलिस महानिरीक्षक रामेश्वर सिंह की देखरेख में और एसीबी चौकी दौसा के ज्ञान सिंह चौधरी के नेतृत्व में चलाया गया।
जाल बिछाने के दौरान, धर्मेंद्र सैनी और छोटेलाल सैनी ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता को बांदीकुई रेलवे जंक्शन के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (विद्युत) धर्मराज गुर्जर के कार्यालय जाने का निर्देश दिया।
एसीबी के अनुसार, तीनों आरोपियों ने मिलीभगत से यह लेन-देन किया। धर्मराज गुर्जर ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से 10,000 रुपए लिए और नोटों की गिनती स्वयं की।
जांचकर्ताओं ने बताया कि गुर्जर ने फिर 5,000 रुपए एक खाकी लिफाफे में रखे और उसे धर्मेंद्र सैनी और छोटेलाल सैनी को सौंप दिया।
एसीबी ने फाइल में छिपाए गए 5,000 रुपए बरामद कर लिए और तीनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों ने बताया कि धर्मराज गुर्जर ने लेन-देन के दौरान शेष 5,000 रुपए शिकायतकर्ता को लौटा दिए। एसीबी ने बाद में इस राशि को साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया।
ब्यूरो ने बताया कि एसीबी की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परिमाला की देखरेख में आरोपियों से पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाईज्ञ जारी है।
