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चुनाव केवल सरकार बनाने और सत्ता से हटाने का माध्यम नहीं, चार वर्षों का हिसाब भी लेना है: प्रशांत किशोर

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मुजफ्फरपुर, 30 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सरगर्मियों तेज हो गई है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर मतदाताओं से सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सरकार बनाने या किसी को सत्ता से हटाने का माध्यम नहीं है, बल्कि मौजूदा सरकार को अगले चार वर्षों के लिए जवाबदेह बनाने का अवसर है।

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मतदाताओं का वोट सरकार की गलत नीतियों और उसकी कमियों पर रोक लगाने के लिए होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षकों और स्नातकों से अपील करते हुए कहा कि पिछले कई दशकों से बिहार में लोग डर और जातीय समीकरणों के आधार पर मतदान करते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कभी लालू प्रसाद यादव के डर से भाजपा को और कभी भाजपा के डर से लालू प्रसाद यादव के पक्ष में मतदान किया गया। जाति और धर्म के आधार पर मतदान की राजनीति के बावजूद शिक्षकों को अपेक्षित सम्मान और उचित वेतन नहीं मिल पाया।

प्रशांत किशोर ने बिहार से युवाओं के दूसरे राज्यों में पलायन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि आज भी बिहार के एक करोड़ से अधिक युवा 10 से 15 हजार रुपए की मामूली मासिक मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हैं। उन्होंने शिक्षित मतदाताओं से चुनाव में मुद्दों और सरकार की जवाबदेही को ध्यान में रखकर मतदान करने की अपील की।

प्रशांत किशोर ने यह भी दावा किया कि आगामी चुनाव में भाजपा को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सत्ता पक्ष के लोग भी जनता के बदलते रुख को देखते हुए अपने कामकाज के प्रति अधिक सतर्क होंगे। उनके अनुसार, जिन लोगों ने पहले मुफ्त राशन और जातीय समीकरणों के आधार पर मतदान किया, वे अब नए राजनीतिक विकल्प पर विचार कर रहे हैं।

जन सुराज पार्टी ने आगामी विधान परिषद चुनाव के लिए शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से अपने दो उम्मीदवारों की घोषणा की है। प्रशांत किशोर ने बताया कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से श्याम नंदन यादव को उम्मीदवार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि श्याम नंदन यादव कारगिल शहीद प्रमोद यादव के भाई हैं और क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों से जुड़े रहे हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. बी मोहन को उम्मीदवार बनाया गया है। डॉ. बी. मोहन समाज में चिकित्सक के रूप में जाने जाते हैं।