फरीदाबाद/जींद, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणाम और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भाजपा सरकार तथा चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फरीदाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान हुड्डा ने दावा किया कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत के कारण हरियाणा में जनता की राय को दरकिनार कर सरकार बनाई गई।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को उठाती रहेगी और पार्टी आगामी दिनों में देशभर में अभियान चलाकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करेगी।
हुड्डा ने कहा, “भाजपा और चुनाव आयोग ने मिलीभगत करके बड़े पैमाने पर जनता की राय को दरकिनार किया और हरियाणा में सरकार बनाई। चुनाव के दौरान पोस्टल बैलेट की गिनती में कांग्रेस 90 में से 75 विधानसभा सीटों पर आगे थी। हरियाणा के गठन के बाद से अब तक के चुनावी इतिहास में जिस पार्टी को पोस्टल बैलेट में बढ़त मिली, उसी पार्टी ने सरकार बनाई थी।”
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ कि पोस्टल बैलेट में कांग्रेस को 75 सीटों पर बढ़त के बावजूद अंतिम परिणाम भाजपा के पक्ष में रहे।
उन्होंने मतदान प्रतिशत से जुड़े आंकड़ों पर भी चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में अभियान चलाएगी और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को जनता के बीच उठाएगी।
कानून व्यवस्था को लेकर भी हुड्डा ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में व्यापारियों और आम लोगों को गैंगस्टरों की ओर से धमकियां मिल रही हैं तथा उनसे फिरौती मांगी जा रही है। उन्होंने सरकार से कानून व्यवस्था की स्थिति पर जवाब देने की मांग की। हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में अपराध और भय का माहौल होने के आरोपों पर सरकार को स्पष्ट स्थिति सामने रखनी चाहिए।
नशे की समस्या का मुद्दा उठाते हुए हुड्डा ने कहा कि सरकार दूसरे राज्यों में नशे के खिलाफ अभियान चलाने की बात करती है, लेकिन हरियाणा में युवाओं को नशे से बचाना बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रदेश में युवाओं तक नशीले पदार्थों की होम डिलीवरी हो रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर काम कर रही है। संगठन सृजन वर्ष के तहत कार्यकर्ताओं को जोड़ने और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की प्रक्रिया जारी है। कांग्रेस नशे, अपराध और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को आगे भी प्रमुखता से उठाती रहेगी।
उधर, जींद में कांग्रेस विधायक और अंतर्राष्ट्रीय पहलवान विनेश फोगाट ने एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता नीरू ढांडा की उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने और सामाजिक परंपराओं की रूढ़ियों को तोड़कर आगे बढ़ने की बात कही।
फोगाट ने कहा कि महिलाओं को लंबे समय तक कमजोर समझा जाता रहा और कई जगह उन्हें घूंघट जैसी परंपराओं तक सीमित रखने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा कि नीरू ढांडा ने इन सामाजिक मान्यताओं से आगे बढ़ते हुए खेल में सफलता हासिल की है। उन्हें यह जानकारी मिली थी कि नीरू पर परिवार की ओर से शादी करने का दबाव था, लेकिन उन्होंने अपने खेल को प्राथमिकता देते हुए एक अलग निर्णय लिया।
फोगाट ने कहा कि शादी करना या न करना हर व्यक्ति का व्यक्तिगत अधिकार है और जीवन में इसका अपना समय होता है। उन्होंने नीरू के फैसले को अपनी प्राथमिकताओं के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी खिलाड़ी को पदक जीतने के बाद ही देशभर में पहचान मिलना चिंता का विषय है। फोगाट ने कहा कि स्वर्ण पदक जीतने से पहले बहुत कम लोग जानते थे कि नीरू ढांडा कौन हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों से पहले भी पहचान और समर्थन दिए जाने की जरूरत पर जोर दिया।
विनेश फोगाट ने कबड्डी को ओलंपिक खेलों में शामिल किए जाने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि कबड्डी में भारतीय खिलाड़ी और विशेष रूप से महिला खिलाड़ी एशियन गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश के लिए पदक जीत रही हैं। ऐसे में इस खेल को ओलंपिक में शामिल किया जाना चाहिए।
फोगाट ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से कबड्डी को ओलंपिक कार्यक्रम में शामिल करने पर विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कबड्डी भी एक टीम गेम है और यदि क्रिकेट को ओलंपिक में जगह मिल सकती है, तो कबड्डी को भी अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि कबड्डी को वैश्विक मंच पर और अधिक पहचान मिलेगी तथा भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक में भी देश के लिए पदक जीत सकेंगे।
