SGSU Advertisement
Home अंतर्राष्ट्रीय एफिल टावर विवाद: बीएपीएस ने नहीं की थी महिला कर्मचारियों को हटाने...

एफिल टावर विवाद: बीएपीएस ने नहीं की थी महिला कर्मचारियों को हटाने की मांग, जांच में हुई पुष्टि

0
5

पेरिस, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। एफिल टावर यात्रा से जुड़े व‍िवाद मामले की आधिकारिक जांच के नतीजे सामने आने के बाद यह साफ हो गया है क‍ि बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) ने विजिट के रास्ते से महिलाओं को हटाने या उन्हें वहां मौजूद न रहने देने की ऐसी कोई मांग नहीं की थी।

जांच के नतीजे आने के बाद बीएपीएस ने प्रभावित कर्मचारियों के प्रति चिंता जताई। प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान एफिल टावर पर महिला कर्मचारियों को हटाने के आरोपों पर बीएपीएस ने सफाई दी है। संस्था ने कहा कि उसने ऐसी कोई मांग नहीं की थी, आधिकारिक जांच में भी यही बात सामने आई है।

शुरुआत से ही बीएपीएस लगातार यह कहता आया है कि उसने कभी भी महिला कर्मचारियों को छिपाने, वहां से हटाने या उन्हें दूर रखने के लिए नहीं कहा था। जांच में भी यह बात साफ हो गई है कि बीएपीएस ने विजिट के रास्ते से महिलाओं को हटाने या उन्हें वहां मौजूद न रहने देने की ऐसी कोई मांग नहीं की थी।

बीएपीएस ने कहा क‍ि हमें उम्मीद है कि इस सफाई से घटना से जुड़े हालात को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी और इसमें शामिल सभी लोग एक-दूसरे का सम्मान करते हुए आगे बढ़ सकेंगे।

यह विवाद स‍ितंबर महीने में बीएपीएस से जुड़े लगभग 100 लोगों के एक निजी दौरे से जुड़ा था, जो पेरिस के बाहरी इलाके में एक मंदिर के उद्घाटन समारोह के लिए फ्रांस आए थे। इस कार्यक्रम के दौरान एफिल टॉवर के कर्मचारियों ने हड़ताल करते हुए आरोप लगाया था क‍ि प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान महिला कर्मचारियों को परिसर से हटाया गया था।

इन आरोपों के बाद बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) हिंदू मंदिर ने स्पष्ट किया है कि एफिल टॉवर पर मंदिर के प्रतिनिधिमंडल की निजी यात्रा स्मारक प्रबंधन के साथ मिलकर तय की गई थी। इसे आम खुलने के समय के ठीक पहले रखा गया था, ताकि दूसरे पर्यटकों को कम से कम असुविधा हो।

बीएपीएस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर जारी एक बयान में कहा था कि किसी भी व्यक्ति को एफिल टॉवर में प्रवेश से नहीं रोका गया। बीएपीएस ने उन लोगों से माफी भी मांगी, जिन्हें इस घटना से कोई ठेस पहुंची हो या असुविधा हुई हो।

बीएपीएस की ओर से जारी बयान में कहा गया था क‍ि हम उठाई गई चिंताओं का सम्मान करते हैं और उन्हें बहुत गंभीरता से लेते हैं। हमारे प्रतिनिधिमंडल का आकार बड़ा था, इसलिए इस यात्रा की व्यवस्था एफिल टॉवर प्रबंधन के सहयोग से सामान्य समय पर खुलने के ठीक शुरुआत में की गई थी, ताकि अन्य लोगों को कोई असुविधा या व्यवधान न हो। हमारी जानकारी के अनुसार, किसी भी समय किसी को एफिल टॉवर में प्रवेश से नहीं रोका गया। फिर भी, अगर किसी को दुख पहुंचा है या किसी प्रकार की असुविधा हुई है, तो हम इसके लिए दिल से माफी मांगते हैं। हम आपसी सम्मान और सेवा जैसे सार्वभौमिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं।