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चुनाव आयोग को फॉर्म-6 में बदलाव पर देना चाहिए स्पष्टीकरण : सलमान खुर्शीद

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गुवाहाटी, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले तो चुनाव आयोग ने अवैध तरीके से फॉर्म-6 बदलाव किए और जब राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाया तो बदलाव को वापस ले लिया। इस पर चुनाव आयोग को स्पष्टीकरण देना चाहिए।

सलमान खुर्शीद ने कहा, “राहुल गांधी ने फॉर्म-6 का मुद्दा उठाया और चुनाव आयोग ने मान लिया कि पुराना वाला फॉर्म ही लागू होना चाहिए। तो अब सवाल चुनाव आयोग से पूछा जाना चाहिए कि राहुल गांधी को यह कहने की जरूरत क्यों पड़ी कि आपने इसमें परिवर्तन किया है? जब उन्होंने यह बात उठाई तो आपने उस परिवर्तन को वापस ले लिया, ऐसा क्यों हुआ? इसका जवाब अब चुनाव आयोग को देना चाहिए।”

राहुल गांधी के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र से खिलवाड़ करने वालों को सजा मिलेगी, खुर्शीद ने उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति कितने भी बड़े पद पर क्यों न हो, अगर वह भारत के लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करेगा तो उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उसे सजा जरूर मिलेगी। इसलिए ज्ञानेश कुमार को उस सजा के लिए तैयार रहना चाहिए।”

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के प्रयासों की सराहना करने पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि बड़े नेताओं के बीच इस तरह की शिष्टाचार भरी बातें होती रहती हैं। बड़े नेता एक-दूसरे के बारे में अच्छी बातें कहते हैं लेकिन इसकी सार्थकता तब समझ में आएगी जब भारत कोई ठोस पहल करके इस युद्ध को रोकने में सफल होगा। हम अभी तक युद्ध रोक नहीं पाए हैं। सिर्फ यह कहा जा रहा है कि हम प्रयास कर रहे हैं, प्रयास तो बहुत लोग कर रहे हैं लेकिन पहले युद्ध तो रुकना चाहिए।

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर खुर्शीद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हर राज्य का अपना अलग यूसीसी है, तो उसे यूनिफॉर्म कैसे कहा जा सकता है।

उन्होंने कहा, “यूसीसी कहां है? हर राज्य का अलग-अलग यूसीसी है तो उसे यूसीसी क्यों कहा जा रहा है? इसे स्टेट सिविल कोड कहना चाहिए। जो असम में लागू किया जा रहा है, वह हिमाचल में लागू नहीं है; जो हिमाचल में है, वह गुजरात में नहीं है। हर जगह अलग-अलग कानून बनाकर उसे यूसीसी का नाम दिया जा रहा है। अलग-अलग कानूनों को एक नाम कैसे दिया जा सकता है?”

उन्होंने कहा कि जहां-जहां यूसीसी लागू किया जा रहा है, वहां मामला हाईकोर्ट में जा रहा है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में सबरीमाला मंदिर से जुड़े मामले पर नौ जजों की बेंच का फैसला आना बाकी है। उस फैसले का असर यूसीसी के मामले पर भी पड़ेगा।

एनआरसी को देशभर में लागू करने संबंधी आरएसएस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सलमान खुर्शीद ने कहा कि यह तय करना आरएसएस का काम नहीं है।

उन्होंने कहा, “वे कह रहे हैं कि आरएसएस बहुत जल्द लागू होगा और जो इसमें नहीं आएगा वह बाहर जाएगा लेकिन आरएसएस में से कितने लोग बाहर जाएंगे? क्या आरएसएस ने अपने ऊपर छाप लगा रखी है कि वही भारतीय हैं और दूसरे भारतीय नहीं हैं? यह तय करने वाले वे कौन होते हैं।”