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वायरल वीडियो के बाद विवादों में घिरे केरल के माकपा विधायक जॉय, पुलिस अधिकारी को धमकी देने का आरोप

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तिरुवनंतपुरम, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। सीपीआई(एम) के तिरुवनंतपुरम जिला सचिव और तीन बार के विधायक वी. जॉय की पुलिस अधिकारी को लेकर की गई कथित ‘धमकी’ वाली टिप्पणी का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया है। वरिष्ठ पार्टी नेता के इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

गुरुवार को पार्टी समर्थकों के मार्च के दौरान जॉय को कैंटोनमेंट के सहायक पुलिस आयुक्त वी. जयचंद्रन से यह कहते हुए सुना गया कि अगर कैंटोनमेंट थाने के सब-इंस्पेक्टर गोकुल लोगों को इसी तरह परेशान करते रहे तो “एक हत्या हो जाएगी।”

यह टिप्पणी सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेताओं कडकंपल्ली सुरेंद्रन और अनावर नागप्पन की मौजूदगी में की गई। जॉय के मौजूदा विधायक होने के साथ-साथ सत्तारूढ़ पार्टी के जिला सचिव होने के कारण उनके बयान ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है। हालांकि, जॉय ने इसे जान से मारने की धमकी देने से इनकार किया है।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब सीपीआई(एम) चुनावी झटकों के बाद पार्टी के भीतर आत्ममंथन की प्रक्रिया से गुजर रही है। पार्टी नेतृत्व ने नेताओं और कार्यकर्ताओं के व्यवहार में बदलाव, लोगों के साथ अधिक विनम्रता से पेश आने और आम लोगों से दूरी तथा अहंकार की धारणा को दूर करने की जरूरत पर जोर दिया है।

ऐसे में जॉय की टिप्पणी ने पार्टी के भीतर चल रही सुधार की कवायद और वरिष्ठ नेताओं के सार्वजनिक आचरण को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विवाद की शुरुआत बुधवार रात उस समय हुई, जब एसएफआई और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के बाद पुलिस यूनिवर्सिटी मेन्स हॉस्टल में पहुंची थी। सीपीआई(एम) और एसएफआई ने आरोप लगाया कि कैंटोनमेंट इंस्पेक्टर सतीश कुमार और सब-इंस्पेक्टर गोकुल ने एसएफआई कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

वहीं, पुलिस ने झड़प की परिस्थितियों को लेकर अलग दावा किया है और विभिन्न समूहों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।

गुरुवार को विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया। सीपीआई(एम) और एसएफआई कार्यकर्ताओं ने दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सचिवालय तक मार्च निकाला। एसएफआई नेताओं ने भी पुलिसकर्मियों का सड़क पर सामना करने की चेतावनी दी थी।

अब विवाद मूल पुलिस कार्रवाई से आगे बढ़कर ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों के खिलाफ वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा पर केंद्रित हो गया है। इससे कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं बढ़ी हैं।

दोनों पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाकर कथित धमकियों और साइबर हमलों के बाद मायलाडी, कट्टाकडा में इंस्पेक्टर सतीश कुमार के आवास की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।

सीपीआई(एम) के लिए यह घटनाक्रम पार्टी के आत्मसुधार, संयम और लोगों के प्रति अधिक संवेदनशील रवैये की अपील को वरिष्ठ नेताओं के सार्वजनिक आचरण के साथ जोड़कर देखने का एक नया सवाल खड़ा करता है।

जॉय की टिप्पणी का वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। ऐसे में मामला उस राजनीतिक प्रदर्शन तक सीमित रहने के बजाय व्यापक सार्वजनिक और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

केरल विधानसभा का सत्र अगले सप्ताह शुरू होने वाला है। ऐसे में यह मुद्दा विधानसभा में भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है।