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मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य से लेकर कानून व्यवस्था तक की स्थिति चिंताजनक: जीतू पटवारी

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भोपाल, 2 अक्टूबर (आईएएनएस) । मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था से लेकर कानून व्यवस्था तक की स्थिति को चिंताजनक बताया है। संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, आदिवासी कल्याण और कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। प्रदेश में मासूम बच्चों की मौत, जहरीली शराब से लोगों की जान जाने और दूषित पानी से नागरिकों की मृत्यु जैसी घटनाएं सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़े करती हैं।

पटवारी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बालाघाट दौरा की चर्चा करते हुए कहा कि यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन आदिवासी परिवारों के दुख-दर्द को समझने का प्रयास था, जिन्होंने अपने मासूम बच्चों को खोया है। तीन महीने से लेकर एक वर्ष, दो वर्ष, पांच वर्ष, 15 वर्ष और 17 वर्ष तक की उम्र के बच्चों को खोने वाले परिवारों का दर्द पूरे प्रदेश की संवेदना और शासन की जवाबदेही का विषय है। इन परिवारों की पीड़ा को सुनना और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है।

जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं, पोषण, शिक्षा और रोजगार की स्थिति पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। अलीराजपुर सहित प्रदेश के आदिवासी जिलों में गरीबी और बुनियादी सुविधाओं की कमी के सवाल लगातार उठते रहे हैं। आदिवासी परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, पौष्टिक आहार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी विकास के लिए निर्धारित बजट के उपयोग में पारदर्शिता का अभाव है। सरकार को बताना चाहिए कि आदिवासी कल्याण के लिए आवंटित धनराशि का कितना हिस्सा स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और बुनियादी सुविधाओं पर खर्च हुआ तथा कितना पैसा अन्य मदों में व्यय किया गया। यदि आदिवासी विकास की राशि का दुरुपयोग हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा को अपने लंबे शासनकाल के दौरान आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य की वास्तविक स्थिति का जवाब देना चाहिए। शहरों के विद्यार्थियों की तरह आदिवासी बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षित शिक्षक, पर्याप्त स्कूल और बेहतर संसाधन मिलने चाहिए। किसी बच्चे का भविष्य उसके जन्मस्थान, आर्थिक स्थिति या सामाजिक पृष्ठभूमि के कारण प्रभावित नहीं होना चाहिए।

जीतू पटवारी ने बालाघाट में राहुल गांधी के दौरे पर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की अनुपस्थिति को गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अनुसार, दौरे के संबंध में पूर्व सूचना और मुख्य सचिव से संवाद के बावजूद दोनों वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति प्रशासनिक समन्वय तथा स्थापित प्रोटोकॉल को लेकर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद संवैधानिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण है। ऐसे दौरे के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका, सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक समन्वय को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए। यदि अधिकारियों ने अपने दायित्वों का पालन नहीं किया है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

–आईएएनएस

एसएनपी/वीसी