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आईआईटी बॉम्बे छात्र आत्महत्या केस : मुंबई क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला से 8 घंटे तक की पूछताछ

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मुंबई, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे आत्महत्या मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की और बयान दर्ज किया।

साहिल के माता-पिता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि प्रोफेसर डुला ने साहिल को प्रताड़ित किया था। इसी आरोप को लेकर क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर से साहिल की मौत से पहले की घटनाओं और उसके साथ हुई बातचीत से जुड़े सवाल पूछे। पूछताछ के दौरान प्रोफेसर डुला ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया है।

सूत्रों के मुताबिक, मुंबई क्राइम ब्रांच जल्दी ही अब आईआईटी बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे को समन कर इनका भी बयान दर्ज करेंगी। वहीं, जांच के तहत पुलिस परीक्षा हॉल के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है, ताकि साहिल की मौत से पहले की घटनाओं और उसकी गतिविधियों के बारे में अहम जानकारी जुटाई जा सके। मुंबई क्राइम ब्रांच ने साहिल वाकोडे के माता-पिता और सहपाठियों समेत अब तक 50 लोगों के बयान दर्ज किए हैं।

वहीं, साहिल वाकोडे के माता-पिता पिछले 6 दिन से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आजाद मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। साहिल के माता-पिता की मुख्य मांग है कि एफआईआर में जिन लोगों के नाम हैं, उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। वे प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और आईआईटी बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे की गिरफ्तारी और अपने बेटे को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक मेरी यह मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। इससे पहले पवई पुलिस ने साहिल के पिता रवींद्र की शिकायत के आधार पर प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था।

एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के दूसरे साल के छात्र वाकोडे 18 सितंबर की शाम को पवई कैंपस में अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटके पाए गए थे। यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई थी। शुरुआती रिपोर्टों से पता चला था कि वाकोडे ने परीक्षा का प्रश्न-पत्र एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के लिए अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। हालांकि, बाद में संस्थान ने घटना के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार कर दिया था।