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टीवीके नेताओं ने पार्टी उम्मीदवार सत्यभामा के खिलाफ टिप्पणियों को लेकर स्टालिन से माफी की मांग की

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चेन्नई, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। धारापुरम विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्वारा टीवीके उम्मीदवार सत्यभामा के बारे में कथित तौर पर की गई टिप्पणियों की मंत्री सेंगोत्तैयन और अरुण राज ने आलोचना की है। उन्होंने स्टालिन पर महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया।

स्टालिन ने शुक्रवार को डीएमके उम्मीदवार सुकन्या के समर्थन में चुनाव क्षेत्र में प्रचार किया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने कथित तौर पर सत्यभामा के लिए अपमानजनक उपनामों का इस्तेमाल किया, जिस पर टीवेके नेतृत्व ने आपत्ति जताई।

इस विवाद ने 6 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले पार्टियों के बीच चल रही बहस को और बढ़ा दिया है। मंत्रियों का तर्क है कि राजनीतिक प्रचार का ध्यान मतदाताओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर होना चाहिए, न कि किसी महिला उम्मीदवार पर व्यक्तिगत हमले करने पर।

एक्स पर एक पोस्ट में मंत्री सेंगोत्तैयन ने सवाल उठाया कि क्या स्टालिन की टिप्पणियों को चुनाव प्रचार माना जा सकता है या यह महिलाओं का मजाक उड़ाने की एक अपमानजनक कोशिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ये टिप्पणियां डीएमके के भीतर महिलाओं के प्रति अनादर की सोच को दर्शाती हैं।

मंत्री ने स्टालिन पर राजनीतिक हालात के हिसाब से अलग-अलग रुख अपनाने का भी आरोप लगाया और न्याय, ईमानदारी, जाति और भेदभाव पर उनके बयानों पर सवाल उठाए।

उन्होंने डीएमके नेता से उन टिप्पणियों के लिए माफी मांगने की मांग की जो उनसे जुड़ी हैं। सेंगोत्तैयन की आलोचना इस बात पर केंद्रित थी कि उन्होंने सत्यभामा के राजनीतिक रिकॉर्ड या धारापुरम के मतदाताओं के सामने मौजूद मुद्दों पर बहस करने के बजाय उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।

अरुण राज ने एक्स पर एक पोस्ट में इन टिप्पणियों की निंदा करते हुए कहा कि स्टालिन ने चुनाव क्षेत्र में एक प्रचार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और टीवीके उम्मीदवार का मजाक उड़ाया।

अरुण राज ने कहा कि पार्टी सत्यभामा की गरिमा पर हुए हमले की कड़ी निंदा करती है।

उनका बयान, चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण के लहजे पर सेंगोत्तैयन की आपत्ति से मेल खाता था। दोनों मंत्रियों की आपत्तियों ने उपचुनाव प्रचार की बहस में महिला उम्मीदवारों के साथ व्यवहार का मुद्दा भी शामिल कर दिया। दोनों ने स्टालिन की कथित टिप्पणियों को अस्वीकार्य राजनीतिक व्यवहार बताया।

मंत्रियों की आलोचना पर स्टालिन या डीएमके की कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। इसमें भाषण का पूरा विवरण भी नहीं दिया गया है, जिससे विवादित टिप्पणियों के शब्द और संदर्भ स्पष्ट नहीं हो पाते हैं।

सुकन्या डीएमके और सत्यभामा टीवीके की ओर से धारापुरम में चुनाव लड़ रही हैं। मंगलवार को होने वाले मतदान से पहले यहां चुनाव प्रचार तेज हो गया है और विरोधी पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही हैं।