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फिटनेस, स्वस्थ जीवन और खेल को बड़ा मंच देगा पुरी कोस्टल मैराथन 2026: मोहन चरण माझी

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भुवनेश्वर, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार के पर्यटन विभाग ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उप मुख्यमंत्री प्रवती परिदा की मौजूदगी में आगामी पुरी कोस्टल मैराथन 2026 के लिए अपना विजन पेश किया। इस कार्यक्रम में मैराथन से पहले खेल, फिटनेस, पर्यटन और सामुदायिक भागीदारी पर ओडिशा के बढ़ते फोकस को उजागर किया गया। यह मैराथन 13 दिसंबर को पुरी में आयोजित होने वाला है।

पुरी कोस्टल मैराथन, भारत की एकमात्र ऐसी मैराथन है, जिसमें रेत और सड़क दोनों पर दौड़ा जाता है। इसे एक बड़े खेल और पर्यटन अनुभव के तौर पर देखा जा रहा है, जो देश-विदेश के धावकों को पुरी लाएगा और ओडिशा के शानदार समुद्र तट, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक महत्व और मेहमाननवाजी को दुनिया के सामने पेश करेगा।

कुल 1 करोड़ रुपये की इनामी राशि वाली इस मैराथन का मकसद एक ऐसा मंच तैयार करना है, जहां खेल और पर्यटन का मेल हो। साथ ही, यह लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी और उन्हें राज्य की प्राकृतिक व सांस्कृतिक सुंदरता का अनुभव कराएगी।

यह आयोजन 27 सितंबर को ‘विश्व पर्यटन दिवस’ पर राज्य भर में हुई ‘प्रोमो रन’ के बाद हो रहा है। उस प्रोमो रन में फिटनेस को बढ़ावा देने और मैराथन के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए पूरे ओडिशा से लोग शामिल हुए थे। यह पहल दौड़ में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने और ओडिशा को बड़े खेल आयोजनों के केंद्र के तौर पर स्थापित करने की राज्य की कोशिशों को दिखाती है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री माझी ने कहा, “ओडिशा हमेशा से खेलों की ताकत में विश्वास करता रहा है। पुरी कोस्टल मैराथन जैसी पहलों के जरिए हम फिटनेस, स्वस्थ जीवन और खेल में बेहतरीन प्रदर्शन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बड़े मंच पर ले जा रहे हैं। हम चाहते हैं कि ओडिशा अपनी समृद्ध पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ खेलों के लिए भी एक प्रमुख जगह के तौर पर उभरे।”

उप मुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने कहा, “ओएमसी पुरी कोस्टल मैराथन सिर्फ एक मैराथन नहीं है, यह फिटनेस, स्वस्थ जीवन और खेलों में अधिक भागीदारी को बढ़ावा देने की एक पहल है। पुरी अपने खूबसूरत समुद्र तट और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ, खेलों और पर्यटन को एक साथ लाने के लिए एक शानदार मंच देता है। मैं पूरे भारत और बाहर से भी धावकों को आमंत्रित करती हूं कि वे पुरी आएं और खेलों के जरिए ओडिशा की भावना का अनुभव करें।”

इस कार्यक्रम की एक खास बात पद्म भूषण और पीजीआईटी प्रमुख कपिल देव की मौजूदगी थी, जो भारत की पहली विश्व कप जीतने वाली क्रिकेट टीम के कप्तान थे। उनकी भागीदारी ने अगली पीढ़ी को प्रेरित करने और फिटनेस व खेल में बेहतरीन प्रदर्शन की संस्कृति को बढ़ावा देने में खेल के दिग्गजों की भूमिका को रेखांकित किया।

कपिल देव ने कहा, “मैं हॉकी में समर्थन के लिए ओडिशा सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं खास तौर पर मैराथन की पहल के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। मैराथन बहुत महत्वपूर्ण है। एक खिलाड़ी के लिए दौड़ना महत्वपूर्ण है। मुझे यकीन है कि भविष्य में पर्यटन के अलावा, ओडिशा खेलों के लिए भी जाना जाएगा।”

इस कार्यक्रम में भारत की खेल उपलब्धियों का भी जश्न मनाया गया, जिसमें बरनिका इलांगोवन और अनिमेष कुजूर को सम्मानित किया गया। बरनिका ने पोल वॉल्ट में भारत का पहला एशियाई खेलों का पदक (कांस्य) जीता था और अनिमेष कुजूर 200-मीटर स्प्रिंट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं।