नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय परमेलिन के बीच सोमवार को हैदराबाद हाउस में अहम बैठक संपन्न हुई। इसके बाद संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने स्विट्जरलैंड के साथ भारत के संबंधों को खास बताया। उन्होंने कहा कि इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी हमारी साझेदारी के मजबूत स्तंभ हैं।
प्रधानमंत्री ने परमेलिन का स्वागत करते हुए कहा, “सबसे पहले मैं भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करता हूं। पिछले वर्ष उनके समर्थन से हमने भारत और यूरोपीयन फ्री ट्रेड एसोसिएशन यानी ईएफटीए देशों के बीच एक ऐतिहासिक ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट लागू किया। ये यूरोप के किसी भी इकोनॉमिक ब्लॉक के साथ भारत का पहला एफटीए है।”
पीएम ने मिलिट्री एक्सचेंज से लेकर न्यूक्लियर एनर्जी में सहयोग को प्रगाढ़ करने की बात कही। उन्होंने कहा, “आज हमने मिलिट्री एक्सचेंज और डिफेंस प्रोडक्शन व सहयोग की नई संभावनाओं की पहचान की। न्यूक्लियर एनर्जी में सहयोग को और प्रगाढ़ करने पर भी सहमति बनी है।”
द्विपक्षीय संबंधों के ऐतिहासिक महत्व को समझाते हुए कहा, “भारत और स्विट्जरलैंड की मित्रता सदियों पुरानी है। 19वीं सदी में स्वामी विवेकानंद ने स्विट्जरलैंड में हिमालय की झलक देखी थी। महात्मा गांधी ने भी स्विट्जरलैंड में समय बिताया और वहां के लोगों से संवाद किया। इन ऐतिहासिक यात्राओं की स्मृतियां आज भी हमारी मित्रता में गूंजती हैं। आज, इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी हमारी साझेदारी के मजबूत स्तंभ हैं।”
स्विट्जरलैंड में मार्केट एक्सेस बढ़ाने को लेकर भी अहम समझौते हुए। पीएम ने इस पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने आगे कहा, “हमने भारत के एक्सपोर्ट्स का स्विट्जरलैंड में मार्केट एक्सेस बढ़ाने और दोनों देशों के बीच इनवेस्टमेंट को और सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इससे भारत के एग्रीक्लचर, फार्मा, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग गुड्स का स्विट्जरलैंड में निर्यात बढ़ेगा।
उन्होंने आगे कहा, “इसके साथ-साथ, भारत के बायोटेक, लाइफ साइंसेज, बैंकिंग, इंशोरेंस, फूड प्रोसेसिंग और सस्टेनिबिलिटी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हम नए स्विस इनवेस्टमेंट को आकर्षित करेंगे।”
परमेलिन भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। सोमवार को दिल्ली पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके बाद तय कार्यक्रमानुसार हैदराबाद हाउस में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संग बैठक की। फिर संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करने से पहले दोनों की मौजूदगी में भारत और स्विस परिसंघ के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ।
–आईएनएनएस
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