आइजोल, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला हॉकी टीम ने जापान के आइची-नागोया में हुए एशियन गेम्स 2026 में यादगार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। महिला टीम ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है।
महिला टीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि में मिजोरम की दो खिलाड़ियों का अहम योगदान रहा। लालरेम्सियामी और लालथंतलुआंगी गोल्ड मेडल जीतने वाली चैंपियन भारतीय महिला टीम का हिस्सा थीं। खिताब जीतने के बाद लालरेमसियामी और लालथंतलुआंगी जब अपने गृह नगर पहुंची, तो उनका स्वागत किया गया।
मुआलपुई के. आर. डेंगथुआमा इंडोर स्टेडियम में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने लालरेम्सियामी और लालथंतलुआंगी का स्वागत किया और उनकी कामयाबी की तारीफ की। इस अवसर पर मिजोरम सरकार ने दोनों खिलाड़ियों को 40-40 लाख रुपये सम्मान राशि देने की घोषणा की।
इस अवसर पर पर मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा, “यह मिजोरम राज्य के साथ-साथ पूरे देश में खेल के क्षेत्र में एक गेम चेंजर साबित होगा।”
फाइनल में भारत ने 1-0 से चीन को हराया था। यह एकमात्र गोल मैच के 10वें मिनट में लालरेमसियामी ने ही किया था।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में 1982 में डेब्यू किया था और पहली बार में ही गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद गोल्ड मेडल के लिए देश की महिला हॉकी टीम को 44 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। ये इंतजार 2026 में समाप्त हुआ। भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में चीन को हराकर एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड मेडल जीता।
इन 44 सालों के दौरान टीम दो बार फाइनल में पहुंची थी। 1998 में भारतीय टीम को फाइनल में दक्षिण कोरिया से हार का सामना करना पड़ा था, जबकि 2018 के फाइनल में हमें जापान की टीम के खिलाफ निराशा झेलनी पड़ी थी। इस दौरान भारतीय महिला टीम ने 1986, 2006, 2014 और 2022 में कांस्य पदक जीता था।
एशियन गेम्स के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब भारतीय महिला और पुरुष हॉकी टीम ने एक साथ गोल्ड मेडल जीता है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड जीता। पुरुष टीम का यह लगातार दूसरा गोल्ड था।
