इटानगर, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल केटी परनाइक और मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने मंगलवार को राज्य की प्रमुख विकास प्राथमिकताओं पर चर्चा की। इस दौरान रणनीतिक अवसंरचना परियोजनाओं, समावेशी विकास और जनता के दीर्घकालिक हितों की रक्षा के लिए की गई पहलों पर विशेष ध्यान दिया गया।
मुख्यमंत्री ने लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें विभिन्न विकासात्मक मुद्दों और चल रही प्रमुख पहलों के बारे में जानकारी दी। इनमें प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट (एसयूएमपी) भी शामिल है। यह एक जल सुरक्षा, ऊर्जा उत्पादन, बाढ़ नियंत्रण और क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है।
उन्होंने राज्यपाल परनाइक को परियोजना की पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट (पीएफआर) पर जागरूकता पैदा करने और जनता की प्रतिक्रिया जानने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए व्यापक जनसंपर्क प्रयासों से भी अवगत कराया।
अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चोवना मीन के अनुसार, 1.5 लाख करोड़ रुपए की एसयूएमपी एक मेगा पनबिजली परियोजना है, जिसकी प्रस्तावित उत्पादन क्षमता 11,200 मेगावाट है। यह न केवल पूर्वोत्तर राज्य के लिए बल्कि पूरे देश के लिए राष्ट्रीय रणनीतिक महत्व की परियोजना है।
उन्होंने कहा कि एसयूएमपी परियोजना से सियांग जिले के विकास परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है। इसका नाम विशाल ब्रह्मपुत्र नदी से लिया गया है, जिसे अरुणाचल प्रदेश में स्थानीय रूप से सियांग नदी के नाम से जाना जाता है।
राज्य सरकार के इस दृष्टिकोण की सराहना करते हुए राज्यपाल ने मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिपरिषद की सियांग क्षेत्र के स्थानीय समुदायों और हितधारकों के साथ सीधे संवाद स्थापित करने के लिए प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल जनविश्वास बढ़ाने, चिंताओं का पारदर्शी ढंग से समाधान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि लोग विकास प्रक्रिया में जागरूक भागीदार बने रहें, साथ ही राज्य और राष्ट्र की विकासात्मक आवश्यकताओं को आगे बढ़ाएं।
राज्यपाल ने आगे कहा कि नागरिकों के साथ सार्थक संवाद लोकतांत्रिक निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत करता है और प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं से जुड़े अवसरों और चुनौतियों की साझा समझ विकसित करने में मदद करता है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निरंतर परामर्श और जनभागीदारी से सूचित और रचनात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।
राज्यपाल ने आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित विश्व आवास दिवस 2026 समारोह के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) और पीएमएवाई-यू 2.0 के अंतर्गत राज्य सरकार की उपलब्धियों के लिए दो सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य पुरस्कारों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि ये पुरस्कार शहरी निवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने और विकास के लाभों को प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचाने के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
