नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध दर्ज करा रहे लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी दलों के सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले ले लिया। इस पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग को भाजपा के इशारे पर काम नहीं करना चाहिए। हम सभी लोग इलेक्शन कमीशन के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को इतने कार्यालय बनाने की क्या जरूरत थी। चुनाव आयोग के बिल्डिंग में ही एक फ्लोर पर कार्यालय खोल लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, “भाजपा चाहती है कि देश में वहीं नागरिक रहें जो भाजपा के नेता, कार्यकर्ता हैं, जो नहीं हैं उनके वोट काटे जाएं। विपक्ष के लोग ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हैं, उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। विपक्ष के इस आंदोलन के सामने भाजपा को बचाव में नहीं आना चाहिए। विपक्ष में हम सभी चुनाव आयोग के खिलाफ बोल रहे हैं। भाजपा क्यों आगे आ रही है। भाजपा इसीलिए सामने आ रही है ताकि आयोग के माध्यम से वोट चोरी की जा सके।
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि क्या आकाशवाणी किसी की निजी संपत्ति है? यह इस देश की संपत्ति है। यह हमारी संपत्ति है। यह जनता की संपत्ति है। यह सरकार की संपत्ति नहीं है, यह आपकी संपत्ति है। क्या हमने आकाशवाणी को घेरा है? क्या हमने किसी को बंधक बनाया है। देश में जिस तरह के हालात हैं, उसके बारे में पूरी दुनिया और पूरा देश जानता है। एसआईआर के नाम पर वोट चुराए जा रहे हैं और भाजपा को चुनाव जिताया जा रहा है। मेरा मानना है कि यह अन्याय है, संविधान का उल्लंघन है और लोकतंत्र की हत्या है।
ममता गुट के नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि इंडी गठबंधन और सभी राजनीतिक दलों ने एसआईआर का विरोध किया है। हम मुख्य रूप से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। जिस तरह से, पूरी तरह से असंवैधानिक तरीके से, देश के मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और जिसके नतीजे में भाजपा जीत रही है।
सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ इंडिया ब्लॉक गठबंधन तक सीमित नहीं है। ज्ञानेश कुमार जिस तरह से काम कर रहे हैं, उसे लेकर पूरे देश में प्रतिक्रिया हो रही है। पार्टियों से बाहर के लोग भी अपने-अपने तरीके से इसका विरोध कर रहे हैं। पहले, पार्टी नेता विरोध करते थे और कहते थे कि चुनाव आयोग निष्पक्ष रूप से काम नहीं कर रहा है। अब सबसे अहम सवाल यह है कि शिकायत उनके अपने ही सहयोगियों ने की है। चुनाव आयुक्त के तौर पर काम कर रहे दो लोगों का कहना है कि उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया जाता है। ज्ञानेश कुमार अकेले ही फैसले लेते हैं।
कांग्रेस नेता उदय भानु ने कहा कि दिल्ली पुलिस लोकतंत्र के हत्यारों को बचाने की कोशिश कर रही है। हालात ऐसे हैं कि जो लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें उठाकर ले जाया जा रहा है।
कांग्रेस नेता प्रवीण चक्रवर्ती ने कहा कि यह भारत के लोकतंत्र के इतिहास में बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। जब मैं यह बात कह रहा हूं, तब विपक्ष के नेता राहुल गांधी हर युवा और हर भारतीय के वोट देने के अधिकार के लिए लड़ रहे हैं।
