नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने और बाद में रिहा किए जाने के मामले पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि आज चुप्पी साध ली गई, तो आने वाली पीढ़ियां माफ नहीं करेंगी।
आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “मेरी भी रात में तबीयत खराब हो गई थी, हम भी रात 10 बजे वापस लौटे हैं। लोकतंत्र में गिरफ्तारी और प्रदर्शन जैसी चीजों का कोई बड़ा अर्थ नहीं होता, यह सब चलता रहता है। लेकिन जो लोकतंत्र को खत्म करने का काम किया जा रहा है, वह बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। अगर आज हम चुप रहे तो कल आने वाली नस्लें हमें माफ नहीं करेंगी, क्योंकि इन्होंने तमाशा बना रखा है।”
इमरान मसूद ने सीईसी ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उन्होंने पूरी संस्था को तबाह कर दिया है। चुनाव आयोग पर जनता का जो भरोसा और विश्वास था, उसे तोड़ दिया गया है। उन्हें पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
वोट चोरी और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने जो अलख जगाई है, वह अब तूफान और आंधी बन चुकी है। इस आंधी में सब पत्तों की तरह उड़ जाएंगे। यह हंगामा गली-गली में मचेगा, पूरे देश में लोग इसके खिलाफ नारे लगाते हुए नजर आएंगे।”
भाजपा के इस दावे पर कि 13 करोड़ नाम केवल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में चिन्हित किए गए थे, उन्हें हटाया नहीं गया, पर पलटवार करते हुए कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार ने करोड़ों लोगों को मताधिकार से वंचित किया है।
उन्होंने आगे कहा, “आपने नाम हटाए नहीं, बल्कि उन्हें सूचीबद्ध कर दिया कि वे वोट नहीं डाल सकते। आपने उन्हें मताधिकार से वंचित कर दिया। आप इसी तरह जीत गए। जितने लोगों को आपने मताधिकार से वंचित किया, उससे भी कम वोटों से आपने सरकार बना ली। ऐसे में आपकी पूरी सरकार ही अवैध है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर भाजपा द्वारा देशभर में निकाली जा रही ‘सेवा ज्योति यात्रा’ पर निशाना साधते हुए इमरान मसूद ने कहा कि वर्तमान सरकार के शासनकाल में देश ने कुछ हासिल नहीं किया, बल्कि बहुत कुछ गंवाया है।
उन्होंने कहा, “देश को बर्बाद करने के लिए और क्या करेंगे? देश को बर्बाद कर दिया गया है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में देश ने खोया ही खोया है, पाया कुछ नहीं। वैश्विक स्तर पर भारत की साख गिरी है। देश की संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान और उनकी निष्पक्षता खत्म हो गई है। लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर किया है। आपने सिर्फ नफरत की बुनियाद पर सियासत करना सीखा है।”
पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “अगर आप नफरत और सांप्रदायिकता की बुनियाद पर चलेंगे, तो बर्बादी के ही रास्ते खुलेंगे, खुशहाली के नहीं। अपने पड़ोसी देश को ही देख लीजिए। आजादी के समय जिन्ना ने कहा था कि उनका देश सेक्युलर रहेगा, लेकिन उन्होंने सेक्युलरिज्म का रास्ता नहीं अपनाया और सांप्रदायिकता के रास्ते पर चले गए। आज पाकिस्तान की बर्बादी सबके सामने है। सांप्रदायिकता की आग सबको तबाह कर देती है, क्योंकि जब आग लगती है तो वह घर देखकर नहीं लगती।”
