SGSU Advertisement
Home राजनीति केरल के ‘कचरा मुक्त मिशन’ पर दो महिला आईएएस अधिकारियों की खींचतान...

केरल के ‘कचरा मुक्त मिशन’ पर दो महिला आईएएस अधिकारियों की खींचतान का साया

0
6

तिरुवनंतपुरम, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल सरकार के महत्वाकांक्षी ‘कचरा मुक्त केरल’ अभियान पर स्थानीय स्वशासन विभाग की दो वरिष्ठ महिला आईएएस अधिकारियों के बीच कथित वर्चस्व की लड़ाई का असर पड़ता नजर आ रहा है। एक ही उद्देश्य को लेकर विभाग में दो अलग-अलग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिससे शीर्ष स्तर पर प्रशासनिक समन्वय को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय स्वशासन विभाग की सचिव टी.वी. अनुपमा और प्रधान निदेशक डॉ. दिव्या एस. अय्यर के बीच मतभेदों की खबरों के बीच ‘निर्मलम’ अभियान और समान उद्देश्य वाला ‘आईसी 100 चैलेंज’ शुरू किया गया है। दोनों अभियानों का लक्ष्य राज्य को कचरा मुक्त बनाने की दिशा में काम करना है।

‘निर्मलम’ अभियान अनुपमा के नेतृत्व में सरकार की 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य केरल को स्वच्छ बनाने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाना है। वहीं, ‘आईसी 100 चैलेंज’ के तहत कचरा जमा होने वाले संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां सफाई कराने और उन स्थानों को लगातार 100 दिनों तक कचरा मुक्त बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, दिव्या एस. अय्यर ने स्थानीय स्वशासन मंत्री से शिकायत की थी कि ‘निर्मलम’ कार्यक्रम में उन्हें पर्याप्त महत्व या प्रभावी भूमिका नहीं दी गई। उन्होंने कथित तौर पर यह चिंता भी जताई थी कि विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने से पहले उनसे पर्याप्त विचार-विमर्श नहीं किया जा रहा है।

इसके बाद ‘आईसी 100 चैलेंज’ शुरू करने के फैसले को विभाग के अधिकारियों के बीच उनकी चिंताओं को दूर करने और कचरा प्रबंधन अभियान में उन्हें अलग भूमिका देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इस फैसले के बाद विभाग में एक नया सवाल खड़ा हो गया है। रिपोर्टों के अनुसार, विभाग की सचिव अनुपमा को इस नई पहल से अलग रखा गया है। एक ही विभाग में समान उद्देश्य वाले दो कार्यक्रमों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की अलग-अलग भूमिकाओं को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

इस असामान्य स्थिति ने स्थानीय निकायों के साथ समन्वय, प्रशासनिक संसाधनों के इस्तेमाल और राज्य में कचरा प्रबंधन से जुड़े अभियानों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी चिंता पैदा कर दी है।

स्थानीय स्वशासन विभाग खुद केरल में कचरा प्रबंधन की चुनौती की गंभीरता और विभिन्न एजेंसियों तथा स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता को स्वीकार करता रहा है। ऐसे में वरिष्ठ अधिकारियों के बीच मतभेदों की खबरों को इस महत्वाकांक्षी अभियान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दिव्या एस. अय्यर का सार्वजनिक प्रोफाइल राजनीतिक संदर्भ से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व विधायक और वर्तमान तिरुवनंतपुरम नगर निगम पार्षद के.एस. सबरीनाथन से वर्ष 2017 में शादी की थी। सबरीनाथन अरुविक्कारा विधानसभा सीट से दो बार कांग्रेस विधायक रह चुके हैं।

सबरीनाथन दिवंगत कांग्रेस नेता और केरल विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष जी. कार्तिकेयन के बेटे हैं। शादी के समय सबरीनाथन विधायक थे, जबकि दिव्या एस. अय्यर सब-कलेक्टर के पद पर तैनात थीं। विवाद के बीच राजनीतिक स्तर पर भी हस्तक्षेप की स्थिति बनी है। बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों के बीच मतभेद दूर करने और उनकी जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से निर्धारित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यह है कि वरिष्ठ अधिकारियों के बीच कथित खींचतान का असर स्थानीय निकायों के साथ समन्वय और जमीनी स्तर पर कचरा प्रबंधन अभियान पर न पड़े। केरल सरकार ने राज्य को ‘जीरो वेस्ट’ बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है और ऐसे में अभियान की सफलता के लिए प्रशासनिक स्तर पर बेहतर तालमेल बेहद जरूरी माना जा रहा है।