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तटरक्षक बल का प्रयास, समुद्र में संकट से निपटने का अभ्यास

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नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। समुद्र में भारतीय तटरक्षक बल के शिप, विमान व हेलीकाप्टर तैनात किए जा रहे हैं। ये सभी एक बड़े अभ्यास का हिस्सा हैं। दरअसल भारतीय तटरक्षक बल 12वां राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास ‘सारेक्स-2026’ शुरू करने जा रहा है। बुधवार को अभ्यास के उद्घाटन समारोह है। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैं। बुधवार को तटरक्षक बल ने बताया कि सारेक्स-2026 को इस बार बड़े और जटिल समुद्री बचाव अभ्यास के रूप में आयोजित किया जा रहा है। समुद्र में जब हालात चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं, तब किसी की जान बचाने के लिए हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है।

इसी तैयारी को परखने के लिए भारतीय तटरक्षक बल यह अभ्यास कर रहा है। मुख्य अभ्यास 8 अक्टूबर को ओडिशा के पारादीप तट के पास होगा। इसमें भारतीय तटरक्षक बल के 15 समुद्री जहाज, दो डोर्नियर विमान, तीन उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर और एक चेतक हेलीकॉप्टर हिस्सा लेगा। भारतीय वायु सेना के सी-130जे और एमआई-17 विमान तथा भारतीय नौसेना के दो समुद्री जहाज भी अभ्यास में शामिल होंगे। इनके अलावा राज्य और नागरिक एजेंसियों के संसाधन तथा तट पर मौजूद सहायता दल भी बचाव अभियान का हिस्सा बनेंगे। अभ्यास का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा एक बड़े पैमाने के बचाव अभियान का मानव निर्मित परिदृश्य होगा। इसमें समुद्र के ऊपर एक यात्री विमान के दुर्घटनाग्रस्त होकर समुद्र में उतरने की स्थिति बनाई जाएगी।

विमान में 228 लोगों के सवार होने का परिदृश्य होगा। इसके बाद यह विमान मालवाहक जहाज एमवी जुंबा से टकराता हुआ दिखाया जाएगा। ऐसी स्थिति में एक साथ हवाई और समुद्री संकट पैदा होगा और कई एजेंसियों को मिलकर बचाव अभियान चलाना होगा। यही इस अभ्यास की असली परीक्षा होगी। संकट की सूचना मिलने के बाद कितनी तेजी से बचाव संसाधन घटनास्थल तक पहुंचते हैं, अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल कितनी प्रभावी रहता है और समुद्र में फंसे लोगों को कितनी तेजी से सुरक्षित निकाला जा सकता है। यहां इन सभी क्षमताओं को परखा जाएगा। इस अभ्यास में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भी खास है।

30 देशों के 32 पर्यवेक्षक इसमें शामिल होंगे। इससे समुद्री संकट के दौरान विभिन्न देशों और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और साझा बचाव प्रक्रियाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी। सारेक्स-2026 के साथ राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव बोर्ड की 24वीं बैठक भी आयोजित होगी। इसकी अध्यक्षता भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि करेंगे। बैठक में समुद्री संकट की सूचना को बेहतर तरीके से संभालने, बचाव संसाधनों को तेजी से जुटाने, तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करने पर चर्चा होगी।

दरअसल, समुद्र में किसी बड़े हादसे के समय केवल जहाज या हेलीकॉप्टर भेजना पर्याप्त नहीं होता। सूचना मिलते ही सही स्थान का पता लगाना, बचाव दल को भेजना, हवाई और समुद्री संसाधनों को एक साथ संचालित करना और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित निकालना एक बेहद जटिल काम होता है। सारेक्स जैसे अभ्यास इसी तैयारी को वास्तविक संकट आने से पहले परखते हैं।

‘आज का अभ्यास, कल की सुरक्षा’ इसी सोच के साथ भारतीय तटरक्षक बल समुद्र में अपनी तैयारी को लगातार मजबूत कर रहा है। पारादीप के समुद्री क्षेत्र में होने वाला सारेक्स-2026 न केवल भारतीय तटरक्षक बल की क्षमता दिखाएगा, बल्कि यह भी बताएगा कि बड़े समुद्री संकट में नौसेना, वायु सेना, तटरक्षक बल और नागरिक एजेंसियां कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से एक साथ काम कर सकती हैं।