नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) ने देशभर में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। सीबीसीआई ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में सामने आए तथ्यों ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सीबीसीआई ने जोर देकर कहा कि किसी भी वैध मतदाता को उसके संवैधानिक मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने चुनाव आयोग से अपील की कि एसआईआर प्रक्रिया को पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न हो।
सीबीसीआई ने कहा कि मताधिकार से वंचित किए जाने की घटनाएं कभी भी लोकतंत्र में सामान्य स्थिति नहीं बननी चाहिए। ऐसा होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक खतरनाक प्रवृत्ति साबित हो सकता है।
संगठन के अनुसार, किसी भी मजबूत लोकतंत्र की नींव चुनावी संस्थाओं पर जनता के भरोसे पर टिकी होती है, इसलिए यह चुनाव आयोग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि वह चुनावी संस्थाओं पर जनता के विश्वास को बनाए रखे और प्रत्येक पात्र नागरिक की आवाज की रक्षा सुनिश्चित करे।
सीबीसीआई ने कहा कि लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों की हर स्तर पर रक्षा होनी चाहिए और चुनाव आयोग को किसी भी प्रकार के पक्षपात या राजनीतिक प्रभाव से मुक्त होकर कार्य करना चाहिए।
इसके साथ ही सीबीसीआई ने उन सभी लोगों के प्रति समर्थन और एकजुटता जाहिर की, जो अपनी वैध मांगों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, संगठन ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहें और अपने आंदोलनों को पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाए रखें।
सीबीसीआई ने देशवासियों से अपील की कि वे इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्र के बेहतर भविष्य के लिए निरंतर प्रार्थना करते रहें।
