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राहुल गांधी की बेवकूफी की हद, अगर 300 सांसद होते सरकार बना लेते : प्रह्लाद जोशी

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हुबली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस सांसदों के चुनाव आयोग से मिलने के मुद्दे और आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर प्रवेश पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कह रहे हैं कि उनके साथ 300 सांसद थे, उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा है। वह कैसी मूर्खता सी बात करते हैं, अगर 300 सांसद हैं तो सरकार बना लेते।

हुबली में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यह बेवकूफी की हद है। अगर आप मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) या चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं, जिसमें तीन चुनाव आयुक्त होते हैं, तो देश में एक सिस्टम है। सबसे पहले आपको अपॉइंटमेंट लेना होगा।

उन्होंने कहा कि हाल ही में जब उनकी पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग से मिलने का फैसला किया था, तब उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया था। जब हम वहां गए थे तो भारत सरकार के दो केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भी हमारे साथ गए थे। तब भी हमने दो दिन पहले ही मिलने का अनुरोध भेजा था। चुनाव आयोग के कार्यालय ने हमारे कार्यालय से संपर्क किया और आपसी सहमति से मिलने का समय तय किया। देश में यही सिस्टम है।

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और किसी को भी बिना अनुमति किसी कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। क्या आप बस कहीं भी जाकर किसी भी ऑफिस में घुस सकते हैं? यह कैसे काम करता है?

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग से मिलने के लिए पहले अपॉइंटमेंट नहीं मांगा और अचानक मिलने की बात कही। एक तरफ कांग्रेस चुनाव आयोग पर आरोप लगाती है और दूसरी तरफ उनसे मिलने की बात करती है। अगर आप उनसे मिलना चाहते हैं तो अपॉइंटमेंट लें। अगर 300 सांसद हैं तो कांग्रेस पार्टी सरकार ही बना लेती है।

आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर प्रवेश के मुद्दे पर प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वे अंदर कैसे घुस गए? क्या उनसे सवाल करने या उन्हें जवाबदेह ठहराने वाला कोई नहीं है। कांग्रेस का यह रवैया बेवकूफी और गैर-जिम्मेदाराना है।

फॉर्म-6 को लेकर उठाए गए सवालों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग इस मुद्दे को पहले ही स्पष्ट कर चुका है। फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं हुआ है, सिर्फ एक घोषणा जोड़ी गई है।

प्रह्लाद जोशी ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या उन्हें इतनी सी बात भी समझ नहीं आती, या वे यह सब समझते हुए भी ऐसा कर रहे हैं।