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नाना पाटेकर के निधन पर गडकरी बोले- ‘वे करीबी दोस्त थे, परिवारों के बीच रहे अच्छे संबंध’, कई और नेताओं ने जताया दुख

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मुंबई, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत महाराष्ट्र के कई नेताओं ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने नाना पाटेकर को याद करते हुए उनके साथ अपने रिश्तों की बात की। गडकरी ने कहा कि सामाजिक चेतना, सामाजिक जिम्मेदारी और समाज के प्रति संवेदनशीलता उनके व्यक्तित्व की खास खूबियां थीं।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “वे मेरे बहुत करीबी दोस्त थे और हमारे परिवारों के बीच कई सालों से अच्छे संबंध रहे हैं। उन्होंने किसानों, जल संरक्षण और किसान आत्महत्या से प्रभावित लोगों के लिए बहुत संवेदनशीलता के साथ काम किया। सामाजिक चेतना, सामाजिक जिम्मेदारी और समाज के प्रति संवेदनशीलता उनके व्यक्तित्व की खास खूबियां थीं।”

गडकरी ने कहा कि हिंदी और मराठी सिनेमा में उनके काम को हम कई सालों तक याद रखेंगे। वे एक सीधे-सादे और स्पष्ट बोलने वाले इंसान थे, जो हमेशा लोगों की मदद करते थे और समाज के पिछड़े और हाशिए पर रहने वाले वर्गों, किसानों और गरीबों के प्रति संवेदनशील थे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “उनका निधन हमारे सामाजिक और राष्ट्रीय जीवन के लिए एक अपूरणीय क्षति है। कारगिल युद्ध के दौरान, नाना वर्दी पहनकर वहां भी पहुंचे थे। कई मौकों पर उन्होंने हमारे सैनिकों की बहादुरी के प्रति सम्मान और अपनी देशभक्ति का परिचय दिया।”

महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, “नाना पाटेकर का निधन हमारे देश, महाराष्ट्र और दुनिया भर में रहने वाले मराठी लोगों के लिए एक बड़ी क्षति है। पिछले 15-18 वर्षों से मेरा उनसे करीबी जुड़ाव रहा है। उन्होंने हमेशा किसानों के लिए बहुत काम करने की कोशिश की। उन्होंने उन इलाकों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने का काम किया जहां बिजली नहीं थी। देवेंद्र फडणवीस की सरकार के दौरान, उन्होंने ‘जलयुक्त शिवार’ पहल के तहत किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने का भी काम किया।”

भाजपा के राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे ने आईएएनएस से कहा, “मशहूर मराठी और हिंदी अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है। उनका जाना दिल तोड़ने वाला है। नाना पाटेकर सिर्फ़ एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक समाजसेवी भी थे। मुझे याद है कि जब विदर्भ और मराठवाड़ा में किसान आत्महत्या कर रहे थे, तब उन्होंने ‘नाम फ़ाउंडेशन’ के ज़रिए उनके परिवारों की मदद के लिए बहुत काम किया। जिन किसानों ने आत्महत्या की, उनके बच्चों को – खासकर उन्हें जिनका कोई सहारा नहीं था – नाना में एक ‘नाना’ और एक भाई मिला…”

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री गिरीश महाजन ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि नाना पाटेकर एक बेहतरीन अभिनेता थे, जिन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में अहम योगदान दिया। वे सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि उन्हें समाज, लोगों और खासकर गरीबों की बहुत चिंता थी। नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे ने मिलकर अपने फाउंडेशन के जरिए जो काम किया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

गिरीश महाजन ने कहा कि मैं पिछले आठ सालों से सिंचाई विभाग से जुड़ा रहा हूं, जिसमें 2014 से 2019 का समय भी शामिल है, और नाना के साथ मेरे करीबी संबंध थे। किसानों, खासकर गरीब किसानों के लिए उनकी चिंता ऐसी बात थी जिसे हम कभी नहीं भूल सकते।

उन्होंने कहा, “नाना पाटेकर ने अपने काम के माध्यम से जो छाप छोड़ी थी, वो बहुत बड़ी थी। हम सभी को बहुत दुख हुआ है। नाना पाटेकर के जाने से बहुत बड़ी क्षति महाराष्ट्र को हुई है।”

नाना पाटेकर के निधन पर एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने कहा, “महाराष्ट्र और देश को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। नाना पाटेकर ने फिल्म इंडस्ट्री में अहम योगदान दिया और कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया, जिनके जरिए उन्होंने लोगों तक सार्थक संदेश पहुंचाने की कोशिश की।”

रोहित पवार ने कहा कि नाना पाटेकर ने समाज के लिए भी बहुत काम किया। उन्होंने सूखे से प्रभावित इलाकों में जल संरक्षण के लिए काफी काम किया। जब भी कोई सामाजिक काम होता था, तो वे हमेशा मदद के लिए आगे आते थे। जब भी हमने उनसे अपने इलाके में अपने फाउंडेशन के जरिए पानी से जुड़े काम करने का अनुरोध किया, तो उन्होंने खुशी-खुशी हमारी मदद की। पवार ने कहा, “अजीत दादा के साथ भी उनके खास रिश्ते थे। हम भी उनसे कई बार मिल चुके थे। हमारे छात्र आंदोलन के दौरान, मैंने उन्हें फोन किया था और आंदोलन में शामिल होने का अनुरोध किया था।”