रांची, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला रांची में शुक्रवार को खेला गया। भारतीय बल्लेबाजी के दौरान श्रेयस अय्यर से पहले शिवम दुबे को भेजा गया। इस फैसले के लिए गौतम गंभीर को आलोचना का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच के बाद भारतीय कोच ने दुबे को अय्यर से पहले भेजने के फैसले का बचाव किया।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर ने कहा, “हमने उसे लंबे समय तक ऐसे ही इस्तेमाल किया है, वर्ल्ड कप में भी और उससे पहले भी। यह आज सिर्फ एक बार नहीं हुआ। आज हमने मोमेंटम खो दिया था। यह इंटरनेशनल क्रिकेट है, कभी-कभी यह आपके हिसाब से होता है, कभी-कभी नहीं। सबसे जरूरी बात, हम हमेशा अपनी बैटिंग लाइन-अप के साथ फ्लेक्सिबल रहे हैं और हम इसे जारी रखेंगे। मैंने कहा है कि टी20 क्रिकेट में सिर्फ ओपनर्स ही फिक्स होते हैं।”
शिवम दुबे बल्लेबाजी के लिए चौथे नंबर पर आए थे। उन्हें बल्लेबाजी के लिए आने को तैयार कप्तान श्रेयस अय्यर की जगह भेजा गया था। दुबे जब बल्लेबाजी के लिए आए तो स्कोर 11.1 ओवर में 139 रन था। दुबे अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप बल्लेबाजी नहीं कर सके और 10 गेंदों पर 7 रन बनाकर आउट हो गए। इसका असर टीम के कुल स्कोर पर भी पड़ा। दुबे की जगह अगर श्रेयस अय्यर को भेजा गया होता, तो शायद परिणाम भारत के पक्ष में होता। पहले मैच में शतक लगाने वाले अय्यर ने बाद में आकर 18 गेंदों पर 40 रन की पारी खेली।
मैच की बात करें, तो भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए संजू सैमसन के 82, ईशान किशन के 43, श्रेयस अय्यर के 40 और तिलक वर्मा के नाबाद 44 रन की बदौलत 20 ओवर में 5 विकेट पर 249 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने अपने कप्तान और सलामी बल्लेबाज शाई होप के 45 गेंदों पर 9 छक्कों और 6 चौकों की मदद से बनाए विस्फोटक 102 रन और शरफेन रदरफोर्ड के 37 गेंदों पर 7 छक्कों और 7 चौकों की मदद से बनाए 84 रनों की बदौलत 18.3 ओवर में 4 विकेट पर 252 रन बनाकर मैच 6 विकेट से जीत लिया।
