नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। पितृ पक्ष के अंतिम दिन शनिवार को अनुष्ठान के लिए लोग नदियों में स्नान कर रहे हैं। बिहार के गया के देवघाट पर बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान कर रहे हैं।
गंगा स्नान करने पहुंचे डॉ. नागेंद्र सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “मोक्ष और ज्ञान की धरती बोध गया में अपने पितरों के तर्पण के लिए परिवार के साथ आया हूं। तर्पण करने के बाद शांति और सुकून मिल रहा है। पितरों की मुक्ति के लिए हिंदू धर्म के लोग यहां आकर तर्पण करते हैं।”
गंगा स्नान करने आए पंकज पाठक ने कहा, “आज पितृ अमावस्या का दिन है। इस दिन का महत्व इसलिए है, क्योंकि जो अन्य दिनों में पिंडदान या तर्पण नहीं कर पाए हैं। अगर वे आज के दिन पिंडदान और तर्पण करते हैं तो पितरों को सभी दिनों का फल मिल सकता है और उनको मुक्ति मिल सकती है। इसमें तीन चीजें (दान, तर्पण और पिंडदान) महत्वपूर्ण हैं। दान करने से दुर्गति का नाश हो जाता है। इस वजह से आज का दिन सबसे विशेष है।”
वहीं, श्राद्ध अमावस्या के मौके पर हरियाणा के जींद के सोमतीर्थ पांडु पिंडारा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। आईएएनएस से बातचीत करते हुए राघव नंद जी महाराज ने कहा, “आज श्राद्धों के अमावस्या का पर्व है। देश में अपने पूर्वजों के प्रति बहुत श्रद्धा होती है। पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए आज का दिन सबसे महत्वपूर्ण होता है।” उन्होंने बताया कि यहां के जल, पृथ्वी और आकाश का महत्व है।
राघव नंद जी महाराज ने कहा, “भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों को आदेश दिया था कि सोमतीर्थ पांडृु पिंडारा में जाकर पिंडदान करने से अकाल मृत्यु मरने वालों को शांति मिलेगी। पांडवों ने यहां 12 वर्ष निवास किया था। इसलिए यहां का बहुत महत्व है।
