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संजय बांगड़ : घरेलू क्रिकेट में दमदार रिकॉर्ड के बावजूद टीम इंडिया के लिए नहीं मिले पर्याप्त मौके, बतौर कोच शानदार रहा करियर

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नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ ने बतौर खिलाड़ी से ज्यादा नाम कोच के तौर पर कमाया। रणजी ट्रॉफी में दमदार रिकॉर्ड के बावजूद उन्हें टीम इंडिया की जर्सी में खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिले। हालांकि, उनके बल्लेबाजी कोच रहते हुए भारत ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं।

संजय बांगड़ का जन्म 11 अक्टूबर 1972 को महाराष्ट्र में हुआ। संजय को शुरुआत से ही क्रिकेट के खेल में दिलचस्पी थी।

उन्होंने जल्द ही क्रिकेट में अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया। साल 1993 में उन्होंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में अपना डेब्यू किया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।

उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से अहम योगदान देने की क्षमता के चलते घरेलू क्रिकेट में खूब नाम कमाया। 165 फर्स्ट-क्लास मैचों में संजय ने 33.13 की औसत से खेलते हुए 8,349 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 13 शतक और 49 अर्धशतक लगाए, जबकि गेंदबाजी में 300 विकेट चटकाए। उन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट में खेले गए 112 मैचों में 2,560 रन बनाए।

टीम इंडिया के लिए संजय बागड़ ने टेस्ट क्रिकेट में अपना डेब्यू साल 2001 में इंग्लैंड के खिलाफ किया। वहीं, उनका वनडे डेब्यू 2002 में हुआ। संजय ने भारत की तरफ से कुल 12 टेस्ट मैच खेले और इस दौरान उन्होंने 29 की औसत से 470 रन बनाए।

संजय ने क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में एक शतक और 3 अर्धशतक लगाए। वहीं, 15 वनडे मैचों में उन्होंने महज 180 रन बनाए। टेस्ट और वनडे को मिलाकर संजय ने कुल 14 विकेट निकाले।

हालांकि, संजय बांगड़ का बतौर कोच करियर शानदार रहा। वह साल 2014 से लेकर 2019 तक भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच रहे। इस दौरान टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को उन्हीं की सरजमीं पर हराकर पहली बार टेस्ट सीरीज जीती। वहीं, उनके कार्यकाल के दौरान ही भारतीय टीम ढाई साल तक आईसीसी रैंकिंग में विश्व की नंबर एक टेस्ट टीम रही।

बांगड़ के कोच रहते हुए भारत ने खेले 52 टेस्ट मैचों में से 30 में जीत हासिल की, जबकि 120 वनडे मैचों में से 82 एकदिवसीय मुकाबले भी जीते। आईपीएल में बतौर कोच उन्होंने साल 2014 में पंजाब किंग्स को पहली बार फाइनल तक पहुंचाया। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) उनके कोच रहते हुए लगातार दो बार प्लेऑफ में पहुंची।