लखनऊ, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने दिल्ली में सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन और राहुल गांधी को लेकर भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की विचारधारा और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। मोना ने कहा कि पोस्टर फाड़ने से कांग्रेस का संघर्ष कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत होगा।
आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा ने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़ने से रोका, लेकिन लौटते समय कांग्रेस कार्यालय के आसपास लगे पोस्टर फाड़े गए और राहुल गांधी की तस्वीर पर डंडे मारे गए। उन्होंने इसे भाजपा की हताशा बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से कांग्रेस संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई जारी रखने के लिए और दृढ़ होगी।
महिला पुलिसकर्मियों के साथ कथित बदसलूकी के राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों को उन्होंने भ्रामक बताया। मोना ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की महिला सांसदों के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की हुई और उन्हें चोटें आईं। उन्होंने प्रियंका गांधी के साथ कथित धक्का-मुक्की का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं की तस्वीरें सार्वजनिक हुई थीं।
मोना ने भाजपा पर महिला विरोधी विचारधारा रखने का आरोप लगाया। उन्होंने दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराधों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इन घटनाओं पर भी आवाज उठाई जानी चाहिए।
महबूबा मुफ्ती द्वारा दिल्ली के हालात की तुलना आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर की स्थिति से किए जाने के संदर्भ में मोना ने कहा कि दिल्ली को छावनी में बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशन, बस सेवाएं, लोगों की आवाजाही और स्कूलों तक पर पाबंदियां लगाई गई हैं तथा कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना राजनीतिक दलों और संगठनों का मौलिक अधिकार है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन इस अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित तौर पर करोड़ों नाम हटाए जाने पर भी सवाल उठाए।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी द्वारा प्रदर्शन के पीछे विदेशी साजिश होने के आरोपों पर मोना ने कहा कि देश के नागरिकों को गद्दार या विदेशी ताकतों के हाथों में खेलने वाला बताना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिक देश की एकता, अखंडता और संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। मोना ने दावा किया कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा केवल विपक्ष ने नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के दो वरिष्ठ सदस्यों ने भी उठाया है। जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं होता, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
