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शिवगंगा छात्रावास फंड घोटाले की निष्पक्ष जांच हो, टीवीके नेता टी. वेलमुरुगन की मांग

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चेन्नई, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। पूर्व विधायक और तमिलगा वाझवुरिमाई काची (टीवीके) के नेता टी वेलमुरुगन ने तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में वर्ष 2017 से 2023 के बीच आदि द्रविड़ कल्याण छात्रावासों के छात्रों के लिए आवंटित धन के कथित दुरुपयोग की पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने आरोपों का सामना कर रहे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई में हो रही देरी पर भी सवाल उठाया है।

वेलमुरुगन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए इन आरोपों को चौंकाने वाला बताया और तमिलनाडु सरकार से जवाबदेही तय करने, भ्रष्टाचार से हुए नुकसान की भरपाई करने तथा राशि को छात्रों के हित में उपयोग करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने इस मामले में आठ जिला अधिकारियों के खिलाफ लगे आरोपों के बाद विभागीय कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

वेलमुरुगन के अनुसार, इस विवाद ने उन प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनकी जिम्मेदारी छात्रों की शिक्षा, भोजन और बुनियादी जरूरतों के लिए आवंटित धन का सही उपयोग सुनिश्चित करना था।

उन्होंने विशेष चिंता जताते हुए कहा कि अदालत में दी गई जानकारी के मुताबिक, आरोपों का सामना कर रहे कुछ अधिकारियों को पदोन्नति दे दी गई, जबकि कुछ अधिकारी सेवानिवृत्त भी हो गए। उन्होंने पूछा कि छात्रों के लिए निर्धारित धनराशि से जुड़े इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अनुशासनात्मक कार्रवाई में देरी क्यों हुई।

पूर्व विधायक ने यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि जांच के दौरान आरोपी अधिकारियों को पदोन्नति कैसे दी गई और कुछ अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने की परिस्थितियां क्या थीं। साथ ही उन्होंने पूछा कि क्या जांच एजेंसियों ने छह वर्षों की अवधि में धन के प्रबंधन से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की पूरी तरह जांच की है।

वेलमुरुगन ने कहा कि करदाताओं के पैसे की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को किसी भी तरह की लापरवाही के लिए जवाब देना चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सबूतों के आधार पर जिन लोगों की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे उनका राजनीतिक या प्रशासनिक पद कोई भी हो।

उन्होंने कहा कि जांच के मानदंड सभी के लिए समान होने चाहिए, चाहे मामला पिछली सरकार से जुड़े लोगों का हो या वर्तमान सरकार के अधिकारियों का।

टीवीके नेता ने सरकार से कथित रूप से गबन की गई पूरी राशि की वसूली कर उसे छात्रों के कल्याण पर खर्च करने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए दिए गए धन के दुरुपयोग को सामान्य प्रशासनिक चूक नहीं माना जा सकता। यह सुनिश्चित करना सरकार की मूल जिम्मेदारी है कि शिक्षा के लिए आवंटित धन वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे।

अपनी पार्टी की ओर से वेलमुरुगन ने राज्य सरकार से अदालत के सामने उठाए गए प्रत्येक आरोप पर स्पष्ट जवाब देने, दोषियों को बिना किसी पक्षपात के न्यायालय के सामने पेश करने और पूरी जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की।