अयोध्या, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा संचालित सभी रसोईघरों को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से ‘भोग’ प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। इसके साथ ही रामलला को अर्पित किए जाने वाले भोग प्रसाद को भी भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रमाणित किया गया है।
इस संबंध में पीएफसी कॉन्फ्रेंस हॉल में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक के उपरांत ट्रस्ट को औपचारिक रूप से ‘भोग’ प्रमाणपत्र सौंपे गए।
प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम में एफएसएसएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राजित पुनहानी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि, ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, ट्रस्टी कृष्ण मोहन, जगदीश आफले सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, यह प्रमाणपत्र उन धार्मिक संस्थानों और मंदिरों को दिया जाता है, जहां प्रसाद एवं भोजन के निर्माण, भंडारण और वितरण में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाता है। इससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण प्रसाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था को आधिकारिक मान्यता मिलती है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसे श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और शुद्ध प्रसाद व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। ट्रस्ट के सभी रसोईघरों को यह प्रमाणन मिलने से रामलला के भोग प्रसाद की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति प्रतिबद्धता को भी मजबूती मिली है।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर खाद्य सुरक्षा के उच्च मानकों को बढ़ावा देने के लिए ‘भोग’ प्रमाणन अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि परिसर इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
बता दें कि रामजन्मभूमि परिसर स्थित सीता रसोई में रामलला के लिए प्रतिदिन भोग तैयार किया जाता है। विशेष अवसरों पर रामलला को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाता है।
इसके साथ ही, एकादशी और कुछ खास तिथियों पर फलाहार की व्यवस्था रहती है। प्रतिदिन फल और जूस भी अर्पित किए जाते हैं। भोग लगाने के बाद प्रसाद ट्रस्ट के कर्मचारियों, पुजारियों और श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है।
