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युवा संगम: उत्तराखंड के युवाओं ने जाना पश्चिम बंगाल का सांस्कृतिक वैभव

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नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस) युवा संगम के तहत एक राज्य के विद्यार्थियों और शिक्षकों को दूसरे राज्यों में जाकर वहां की संस्कृति और परंपराओं को जानने का अवसर मिला है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की इस पहल के अंतर्गत अब उत्तराखंड के छात्रों का एक दल पश्चिम बंगाल के दौरे पर है। यहां उत्तराखंड के युवाओं को पश्चिम बंगाल की संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है।

इस दौरान दल ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि से मुलाकात की। यहां युवाओं ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान, शिक्षा और देश के विभिन्न राज्यों के बीच आपसी संबंध मजबूत करने जैसे विषयों पर चर्चा की। यह दौरा केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से संचालित युवा संगम कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसकी शुरुआत विद्यार्थियों और शिक्षकों के दल के पश्चिम बंगाल पहुंचने के साथ हुई। यहां विद्यार्थियों और शिक्षकों का स्वागत किया गया और इसके बाद सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा अनुभव आधारित सीखने की गतिविधियां शुरू हुईं।

पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को करीब से देखने के लिए उत्तराखंड के दल ने 9 अक्टूबर को कोलकाता के प्रिंसेप घाट और सुंदरवन का भ्रमण किया। हुगली नदी के किनारे स्थित प्रिंसेप घाट कोलकाता के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है। यहां युवाओं को शहर के ऐतिहासिक परिवेश, नदी के आसपास के सुंदर दृश्यों और जीवंत वातावरण को अनुभव करने का अवसर मिला। इस भ्रमण ने उनके दौरे को एक यादगार अनुभव दिया। दल ने सुंदरवन का भी दौरा किया। इस तरह युवाओं को पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्थलों और वहां की विशिष्ट पहचान से परिचित होने का अवसर मिला। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत कर रहा युवा संगम युवा संगम कार्यक्रम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना और विभिन्न राज्यों के लोगों के बीच सीधे संपर्क को बढ़ावा देना है।

उत्तराखंड के इस दल का समन्वयक संस्थान हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय है। वहीं पश्चिम बंगाल में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर इसकी मेजबानी कर रहा है। संस्थान के माध्यम से युवाओं को पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत, स्थानीय परंपराओं तथा शैक्षणिक परिवेश को समझने का अवसर मिल रहा है। राज्यपाल से मुलाकात में शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर चर्चा दौरे के दौरान 8 अक्टूबर को उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि से मुलाकात की। इस संवाद में सीखने के अवसरों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और देश के अलग-अलग हिस्सों के युवाओं के बीच संबंध मजबूत करने के महत्व पर चर्चा हुई।

मंत्रालय के मुताबिक, इस मुलाकात से विद्यार्थियों और शिक्षकों को राज्यपाल के विचार जानने तथा पश्चिम बंगाल की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल दूसरे राज्य की संस्कृति से परिचित कराना ही नहीं, बल्कि उनके बीच संवाद और आपसी समझ को भी बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के सातवें चरण में 20 जोड़ी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं को एक-दूसरे के यहां जाकर वहां की संस्कृति, शैक्षणिक संस्थानों, नवाचार से जुड़े प्रयासों और विकास संबंधी पहलों को समझने का अवसर दिया जा रहा है।

इस पहल के माध्यम से युवा अपने राज्य से बाहर निकलकर दूसरे क्षेत्रों की जीवनशैली, परंपराओं और सामाजिक परिवेश को समझते हैं। साथ ही, उन्हें अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों से मिलने, नए अनुभव हासिल करने और मित्रता के संबंध बनाने का अवसर मिलता है। उत्तराखंड के युवाओं का पश्चिम बंगाल दौरा भी इसी उद्देश्य को आगे बढ़ा रहा है। ऐसे कार्यक्रम देश की विविध सांस्कृतिक विरासत को समझने और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच आपसी सम्मान बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। युवा संगम के माध्यम से केंद्र सरकार एक ऐसे भारत की भावना को मजबूत करने का प्रयास कर रही है, जहां विविधता के बावजूद एकता बनी रहे और साझा अनुभव देशवासियों को एक-दूसरे के करीब लाएं।