नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर आम आदमी पार्टी ने पुलिस और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आम आदमी पार्टी दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सरकार के निर्देश पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बेरहमी से कार्रवाई की। आप नेता गोपाल राय ने प्रदर्शन पर रोक लगाने, मेट्रो और रेल सेवाएं प्रभावित होने तथा भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन बताया।
सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर आम आदमी पार्टी दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, घसीटा और थानों में ले गई। कई लोगों को दो दिनों से हिरासत में रखा गया है।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस दक्षिणपंथी तत्वों को बचा रही है। यदि पुलिस ऐसे लोगों को संरक्षण दे रही है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि पर भी पड़ सकता है।
सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस की भूमिका पर कहा कि पार्टी को क्या करना चाहिए और क्या नहीं, यह उसका अपना निर्णय है. हालांकि उन्होंने कहा कि जब भी युवा सीजेपी, वामपंथी छात्र संगठनों या आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन करते हैं तो विभिन्न विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता इसमें शामिल होते हैं।
उन्होंने इसे जनता का आंदोलन बताते हुए कहा कि प्रदर्शन को व्यापक समर्थन मिल रहा है। भारी पुलिस तैनाती, रेल और मेट्रो सेवाओं पर पाबंदियों, सीमाओं को सील करने तथा इंटरनेट सेवाएं रोकने के बावजूद करीब 7,000 युवा गिरफ्तारी देने के लिए तैयार थे। उन्होंने इसे देश में बदलाव का संकेत बताया और कहा कि भाजपा इस बदलाव को रोक नहीं पाएगी।
आप नेता गोपाल राय ने प्रदर्शन पर रोक लगाए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि यह भारत के राजनीतिक इतिहास का काला दिन था। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर देश में ‘ब्लैक इमरजेंसी’ थोपने का आरोप लगाया।
गोपाल राय ने कहा कि यह देश और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। उनके मुताबिक निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए वोटों की सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, उनके खिलाफ कार्रवाई और एसआईआर प्रक्रिया समाप्त करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने निष्पक्ष चुनाव कराने पर जोर दिया।
