नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट तक इंडिया गठबंधन का प्रस्तावित मार्च किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि इसका मकसद उस संस्था की रक्षा करना था, जिसके लिए कांग्रेस नेताओं ने देश में लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए अपनी जान की कुर्बानी दी थी।
आईएएनएस से बात करते हुए सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह मजबूती से अपनी आवाज उठाए, और राहुल गांधी ने ऐसा ही किया है। कांग्रेस पार्टी अपनी बात सभी संवैधानिक संस्थाओं तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है। किसी भी विपक्षी पार्टी की जिम्मेदारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना नहीं है। हालांकि, मेरा मानना है कि पिछले 70-80 सालों से मजबूत रहे लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिशें हुई हैं और यह वोट चोरी करके सत्ता हासिल करने की कोशिशों के खिलाफ उठाई गई आवाज है। यह मार्च किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दो साल पहले कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाया था, और दावा किया कि अब जो घटनाक्रम हो रहे हैं, वे उनकी चिंताओं की पुष्टि करते हैं।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि लोगों की आवाज दबाने की कोशिशें की जा रही हैं, रेलवे स्टेशन बंद किए जा रहे हैं और इंटरनेट सेवाएं रोकी जा रही हैं। सरकार आवाज और जनता के विरोध को दबाने की कोशिश करती है, लेकिन इसे दबाया नहीं जा सकता।
सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी सुप्रीम कोर्ट के साथ बैठक करने की कोशिश कर रही हैं। कांग्रेस पार्टी और हमारे नेता राहुल गांधी की जिम्मेदारी है कि वे संवैधानिक संस्थाओं के सामने यह मुद्दा उठाएं कि सत्ता वोट चोरी करके हासिल की गई थी। आज का विरोध प्रदर्शन उस चीज के खिलाफ है जिसे हम लोकतंत्र की हत्या मानते हैं।
हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी के ‘दिल्ली चलो’ आह्वान पर हिमाचल प्रदेश भर से लोग यहां आ रहे हैं। वे सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने के पक्के इरादे के साथ आए हैं।
